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काशी कॉरिडोर से छलका फारूक अब्दुल्ला का ‘दर्द’, कहा- मोदी को दूसरे धर्मों को भी तवज्जो देनी चाहिए

भारत के बँटवारे को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इसका नुकसान सिर्फ कश्मीरियों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश के मुस्लिमों को भुगतना पड़ा है।

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमवार (13 दिसंबर) को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक का दर्द छलक आ गया है। उन्होंने कहा कि यह बात है, लेकिन प्रधानमंत्री को दूसरे धर्मों को भी तवज्जो देना चाहिए, क्योंकि वे एक धर्म के नहीं बल्कि पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही फारूक ने भारत विभाजन को ऐतिहासिक भूल बताने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी समर्थन किया।

भारत के बँटवारे को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इसका नुकसान सिर्फ कश्मीरियों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश के मुस्लिमों को भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर यह मुल्क एक होता तो ताकत भी रहती, मुश्किलें भी नहीं पैदा होती और देश में भाईचारा भी रहता। फारूक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के झगड़े के कारण देश में धार्मिक तनाव बढ़ता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और वाराणसी में आयोजित भव्य कार्यक्रम को फारूक अब्दुल्ला ने बधाई देते हुए इसे अच्छी बात बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दूसरे धर्मों को भी तवज्जो देना चाहिए, क्योंकि वो सिर्फ एक धर्म के नहीं पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं। भारत में बहुत सारे धर्म हैं।

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार (13 दिसंबर, 2021) को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि ये भव्य धाम भक्तों को अतीत के गौरव का एहसास कराएगा। उन्होंने कहा, “पहले यहाँ जो मंदिर क्षेत्र केवल 3,000 वर्ग फीट में था, वो अब करीब 5 लाख वर्ग फीट का हो गया है। अब मंदिर और मंदिर परिसर में 50 से 75 हजार श्रद्धालु आ सकते हैं। यानी पहले माँ गंगा का दर्शन-स्नान और वहाँ से सीधे विश्वनाथ धाम।”

हिंदू और हिंदुत्व को लेकर राहुल गाँधी द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कोई धर्म बुरा नहीं होता है, इंसान बुरे होते हैं। उन्होंने कहा कि वो उम्मीद करेंगे कि हिंदू असली हिंदू बने और अपने धर्म का पालन करें।

राजनाथ सिंह ने कही थी यह बात

गौरतलब है कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित ‘स्वर्णिम विजय पर्व’ को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इस युद्ध ने दिखा दिया कि ब्रिटिश शासन से आजादी के समय धर्म के नाम पर भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक गलती थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का जन्म धर्म के नाम पर हुआ था, इसके बावजूद वह एक नहीं रह सका। बता दें कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद बांग्लादेश के रूप में एक अलग देश का उदय हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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