‘राम मंदिर बनने से पहले तुमको भी कमलेश तिवारी के पास पहुँचा देंगे, जितनी सुरक्षा बढ़ानी है, बढ़ा लो’

“कमलेश तिवारी आपका बड़ी बेसब्री से आपका इंतजार कर रहे हैं। अगर आप अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आते हैं तो राम मंदिर बनने से पहले तुमको भी कमलेश तिवारी के पास भेज देंगे। बढ़ा लो जितनी भी सुरक्षा बढ़ानी हो। साथ में जो सुरक्षा कर्मी है, वह भी कुछ नहीं कर पाएँगे।”

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक ब्रजेश मिश्र सौरभ को नाइजीरिया से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई है। गुरुवार (नवंबर 14, 2019) की शाम तकरीबन 6 बजे उनके फोन पर आई काल में उन्हें गालियाँ देने के साथ ही हत्या करने की धमकी दी गई। धमकी देने वालों ने कहा कि वो उन्हें भी हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के पास पहुँचा देंगे। पूर्व विधायक ने लखनऊ महानगर थाने में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को ऑडियो भी उपलब्ध कराए हैं।

बता दें कि ब्रजेश मिश्र के मोबाइल नंबर पर 23481023316 से कॉल आई थी। कॉल करने वाला व्यक्ति हिंदी और उर्दू में जान से मारने की धमकी दे रहा था। धमकी देने वाले ने बीजेपी नेता से कहा, “कमलेश तिवारी आपका बड़ी बेसब्री से आपका इंतजार कर रहे हैं। अगर आप अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आते हैं तो राम मंदिर बनने से पहले तुमको भी कमलेश तिवारी के पास भेज देंगे। बढ़ा लो जितनी भी सुरक्षा बढ़ानी हो। साथ में जो सुरक्षा कर्मी है, वह भी कुछ नहीं कर पाएँगे।” 

नाइजीरिया के नंबर से कुछ दिन पहले भी किसी ने फोन किया था। उस समय कॉल करने वाले व्यक्ति ने भी जान से मारने की धमकी दी थी। ब्रजेश मिश्र प्रखर राष्ट्रवादी और कट्टर हिंदूवादी छवि वाले नेता माने जाते हैं। हाल ही में इन्होंने एक कार्यकर्ता की हत्या को लेकर भीड़ को संबोधित करते हुए समुदाय विशेष अल्पसंख्यकों पर हमला किया था। जिसके बाद से ही इनके पास धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए थे। 

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पूर्व विधायक ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर केंद्रीय सुरक्षा की माँग की है। उन्होंने बताया कि तीन माह पूर्व सुरक्षा हटने के बाद अपराधियों के निशाने पर आ गए हैं। पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्हें पहले केंद्र से एक्स श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे तीन महीने पहले हटा लिया गया है।

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शरजील इमाम
“अब वक्त आ गया है कि हम गैर मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे।"

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