Homeराजनीति'फिलिस्तीन से बद्तर जम्मू-कश्मीर': सड़क पर बैठ बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहीं थीं...

‘फिलिस्तीन से बद्तर जम्मू-कश्मीर’: सड़क पर बैठ बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहीं थीं पूर्व CM महबूबा मुफ्ती, दिल्ली पुलिस ने पकड़कर गाड़ी में डाला

वीडियो में देखा जा सकता है कि महबूबा मुफ़्ती को पुलिस के वाहन में ले जाया जा रहा है। वह विजय चाैक के पास प्रदर्शन कर रहीं थीं और वहीं बैठ गई थीं। इस दौरान पुलिस के बस में पीडीपी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी देखा जा सकता है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती (Mahbuba Mufti) को बुधवार (8 फरवरी 2023) को नई दिल्ली में हिरासत में लिया गया है। वह यहाँ केंद्रशासित प्रदेश में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का विराेध कर रही थीं। उनके साथ पीडीपी (PDP) के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गुंडाराज चल रहा है। 

पीडीपी नेता ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में दुकानें तोड़ी जा रही हैं। हमारी जीविका को समाप्त किया जा रहा है।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तुलना अफगानिस्तान से कर दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अफगानिस्तान की तरह बर्बाद किया जा रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि महबूबा मुफ़्ती को पुलिस के वाहन में ले जाया जा रहा है। वह विजय चाैक के पास प्रदर्शन कर रहीं थीं और वहीं बैठ गई थीं। इस दौरान पुलिस के बस में पीडीपी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी देखा जा सकता है। कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ में बैनर-पोस्टर भी लिए हुए थे।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की जा रही है। इन जिलों में सरकार के जमीनों से अवैध कब्जों से मुक्त करवाया जा रहा है। इसी को देखते हुए कई अवैध इमारतों को भी बुलडोजर से गिराया गया है।

महबूबा मुफ़्ती ने आगे कहा कि भाजपा देश के संविधान को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर गरीब लोगों को घरों को तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुफ्ती के मुताबिक जम्मू कश्मीर का हाल फिलिस्तीन से भी बद्तर है।

महबूबा ने मंगलवार (7 फरवरी 2023) को भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ”हमारे यहाँ भी एजेंसियाँ हैं और अब केंद्र व राज्य की एजेंसियों के बीच एक प्रतियोगिता चल रही है। जितने बुलडोजर कश्मीर में भेजे जा रहे हैं, उतने कहीं नहीं भेजे गए होंगे। अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के नाम पर गरीबों के घरों से निकाला जा रहा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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