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‘ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण’ का शुभारंभ: CM योगी ने कहा – ‘जय श्री राम पूरे देश में चलेगा’

"ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण प्रकृति और परमात्मा के समन्वय को दर्शाने का कार्य करेगा। जय श्री राम उत्तर प्रदेश में भी चलेगा, बंगाल में भी चलेगा और पूरे देश में भी चलेगा।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (मार्च 6, 2021) को रामायण पर ई-पुस्तक फॉर्मेट में ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया को लॉन्च किया। यह अयोध्या शोध संस्थान द्वारा तैयार की गई है। इसे लॉन्च करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामायण, महाभारत और अन्य हिंदू महाकाव्य सबसे अच्छा जीवन सबक देते हैं और यह एक बेहतर भारत की कल्पना करने में मदद करेंगे।

सीएम योगी ने कहा, “ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण प्रकृति और परमात्मा के समन्वय को दर्शाने का कार्य करेगा। यह विज्ञान और अध्यात्म के अनेक अनछुए पहलुओं को जानने का अवसर भी प्रदान करेगा।”

उन्होंने कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भगवान विष्णु के साक्षात अवतार होने के बावजूद मानवीय मर्यादाओं के अंदर अपनी पूरी लीला को रचा। प्रभु श्री राम की यह महानता थी कि उन्होंने सामान्य मनुष्य की भाँति कष्टों को सहते हुए मानवीय मर्यादाओं का पग-पग पालन किया।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अभी भी कुछ लोग हैं, जो अयोध्या में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। हालाँकि, ऐतिहासिक तथ्यों से इनकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं न्यूज चैनल न्यूज नेशन द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव शो में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, “जय श्री राम उत्तर प्रदेश में भी चलेगा, बंगाल में भी चलेगा और पूरे देश में भी चलेगा।”

उन्होंने कहा, “याद करिए 1990 के दशक के प्रारंभ में कुछ लोग उत्तर प्रदेश में भी जय श्री राम का विरोध करते थे, आज उसकी दुर्गति देश भी देख रहा है और दुनिया भी देख रही है। और यह आज से नहीं, रामायण काल से हो रहा है। जो लोग राम के खिलाफ हैं उन्हें कहीं भी जगह नहीं मिलती। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें कि कम से कम ‘जय श्री राम’ बोलने पर तो प्रतिबंध न लगाएँ। बंगाल के लोगों ने मन बना लिया है कि जो लोग भगवान राम के साथ होंगे, वो उनके साथ रहेंगे।”

इस वीडियो में लगभग 21 मिनट पर दीपक चौरसिया ने सीएम से राहुल गाँधी द्वारा केरल में उत्तर-दक्षिण विभाजन पर किए गए टिप्पणी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “इसे ही एहसानफरामोशी कहा जाता है। ये विभाजनकारी मानसिकता कॉन्ग्रेस की वास्तविक पहचान बन चुकी है और कॉन्ग्रेस में इस प्रकार के चेहरे नहीं होते तो कॉन्ग्रेस मरती क्यों? इस तरह की टिप्पणियाँ केरल को ले डूबने के लिए पर्याप्त है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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