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1984 दंगा पर बादल ने मोदी को लिखा पत्र, कहा- 309 सिख सैनिकों को कर दें आरोप मुक्त

"जून 1984 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सिखों के पवित्रतम स्‍थल श्री अकाल तख्‍त साहिब और श्री दरबार साहिब पर सैन्‍य कार्रवाई का आदेश दिया था। इससे आहत होकर 309 सिख सैनिक अपने बैरक छोड़ बाहर आ गए। बाद में सेना ने उनका कोर्ट मार्शल किया और उनकी सेवा समाप्‍त कर दी।"

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 1984 में सिख दंगा मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने भारत सरकार से उन 309 सिख सैनिकों को आरोप मुक्त करने की अपील की है, जिनका कोर्ट मार्शल हुआ था।

पत्र में बादल ने कहा है कि 1984 में भगोड़ा करार दिए गए 309 सिख सैनिकों का कोर्ट मार्शल किया गया था। उनकी सेवा समाप्‍त कर दी गई थी। अब इन सिख सैनिकों को सभी आरोपों से बरी कर उन्हें पूर्व सैनिक माना जाना चाहिए। साथ ही उनको पूर्व सैनिकों की तरह सारे लाभ और सुविधाएँ मिलनी चाहिए।

पत्र में कहा गया है, ” प्रधानमंत्री जी, मैं 35 साल पहले सिखों के साथ हुए अन्याय की ओर आपका ध्यान दिलाना चाहता हूॅं। 1 नवंबर 1984 को उस समय की सत्‍ताधारी पार्टी कांग्रेस ने सिखों का नरसंहार कराया। दिल्‍ली सहित पूरे देश में 10 हजार से ज्‍यादा लोगों की हत्याएँ की गई। इसके कई गुनहगार आज भी खुलेआम रहे हैं और पीडि़त परिवार इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।”

बादल ने लिखा है, “जून 1984 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सिखों के पवित्रतम स्‍थल श्री अकाल तख्‍त साहिब और श्री दरबार साहिब पर सैन्‍य कार्रवाई का आदेश दिया था। यह आदेश हमले सरीखा था। इस हमले से सिखों की भावनाएं और आत्‍मा बुरी तरह आहत हुई। सिखों ने इसके लिए कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं किया।” पत्र में कहा गया है, “इस हमले के बारे में सुनने के बाद आहत होकर 309 सिख सैनिक अपने बैरक छोड़ बाहर आ गए। बाद में सेना ने उनका कोर्ट मार्शल किया और उनकी सेवा समाप्‍त कर दी। उनको सजा भी दी गई।”

पत्र में बादल ने कहा है कि सरकार श्री नानक देव जी का 550वॉं प्रकाश पर्व मना रही है। इस अवसर पर तत्कालीन बर्बर सरकार से आहत होकर गलती करने वाले सिख सैनिकों को सभी आरोपों से मुक्त कर देना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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