Saturday, July 20, 2024
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दिल्ली के डिप्टी CM सिसोदिया को असम के CM सरमा ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: कहा- भ्रष्टाचार नहीं, यह मानवता

यह सब तब शुरू हुआ जब वामपंथी मीडिया पोर्टल 'द वायर' ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की स्वामित्व वाली एक फर्म को पीपीई किट और कोविड-19 संबंधित अन्य सामानों का आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना आपूर्ति करने का आदेश दिया गया था।

5 जून को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर दस्तावेज जारी किए। एक ट्वीट में सीएम सरमा ने कहा, “कंपनी ने असम के एनएचएम को लिखा कि कोविड वॉरियर्स के लिए लगभग 1,500 पीपीई किट की आपूर्ति को सीएसआर योगदान के रूप में माना जाना चाहिए और इसलिए सरकार द्वारा एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।”

सीएम सरमा ने अपनी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की कंपनी जेसीबी इंडस्ट्रीज द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) असम को भेजे गए 26 मार्च 2020 के पत्र की स्कैन फोटो भी जोड़ा है। पत्र में जेसीबी इंडस्ट्रीज ने एनएचएम से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 1485 पीपीई किट स्वीकार करने का अनुरोध किया था। पत्र में लिखा है, “हमने एमरेलिस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की कुल 1485 पीपीई किट वाली एक खेप पहुँचाई है।”

सीएम सरमा ने 4 जून को डिप्टी सीएम सिसोदिया पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। यह सब तब शुरू हुआ जब वामपंथी मीडिया पोर्टल ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की स्वामित्व वाली एक फर्म को पीपीई किट और कोविड-19 संबंधित अन्य सामानों का आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना आपूर्ति करने का आदेश दिया गया था।

रिंकी भुइयां सरमा ने द वायर की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और कहा कि उन्होंने पीपीई किट की आपूर्ति के लिए एक पैसा भी नहीं लिया। उसने कहा कि उसने सीएसआर के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पीपीई किट दान की थी और उसके लिए कोई भुगतान नहीं लिया गया था।

वायर की रिपोर्ट का उपयोग करते हुए 4 जून 2022 को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने उनकी पत्नी और करीबी सहयोगियों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सरकारी खरीद के ठेके दिए। उन्होंने इसकी कॉपी भी पोस्ट की।

इन आरोपों का जवाब देते हुए, हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया, “ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे खराब महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट था। मेरी पत्नी ने आगे आने का साहस किया और जान बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 मुफ्त में दान दिया। उसने एक पैसा भी नहीं लिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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