Homeराजनीतिजम्मू-कश्मीर का मामला सुलझाने के बाद अमित शाह का अगला टारगेट अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ

जम्मू-कश्मीर का मामला सुलझाने के बाद अमित शाह का अगला टारगेट अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ

यह बैठक 31 अगस्त को असम राष्ट्रीय नागरिक पंजी की अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले हुई है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 'एक सुरक्षित सीमा का हमारा उद्देश्य' हासिल करने के लिए....

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर में 370 का प्रभाव समाप्त करने वाली घोषणा करने के बाद अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान बांग्लादेश को पूर्वोत्तर में हो रही अवैध घुसपैठ से अवगत कराया। उन्होंने गृह मंत्री स्तर की वार्ता की 7 वीं बैठक में बांग्लादेश के उनके समकक्ष बैठे असद-उज-जमां (बांग्लादेश ) खान से विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। अमित शाह के गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद किसी विदेशी नेता के साथ पहली भेंटवार्ता थी।

इस बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर जानकारी दी कि उन्होंने भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की। वहीं मीडिया रिपोर्टों की मानें तो आधिकारिक बयान में बताया गया कि गृहमंत्री शाह ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में घुसपैठ की समस्या का समाधान खोजने के मद्देनजर सीमा पार के लोगों से इस विषय पर भारत की चिंता को साझा किया।

यह बैठक 31 अगस्त को असम राष्ट्रीय नागरिक पंजी की अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले हुई है। जिसमें दोनों देशों के गृह मंत्रियों ने सीमा पार अपराधों के खतरे को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही गृह मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘एक सुरक्षित सीमा का हमारा उद्देश्य’ हासिल करने के लिए अधिक से अधिक सहयोग की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई।

अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुई गृहमंत्री की 7वीं बैठक में दोनों पक्षों ने सीमाओं पर सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे से संबंधित लंबित पड़े मुद्दों की भी समीक्षा की और मामलों को तेजी से हल करने पर भी सहमति जताई। इस बैठक के दौरान मंत्रियों ने दोनों देशों द्वारा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन सहित हर क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक करीब से काम करने पर संतोष व्यक्त किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

US कोर्ट ने चीनी जालसाज को दी 30 साल की सजा, पश्चिमी मीडिया बताता था ‘बागी’: जानें गुओ वेनगुई की कहानी और राणा अय्यूब...

चीन विरोधी बागी होने का नाटक कर पश्चिमी मीडिया में छाए रहने वाले चीनी अरबपति भगोड़े गुओ वेनगुई को अमेरिकी अदालत ने 30 साल की सजा सुनाई है।

‘अरब-तुर्क’ का ढोंग खत्म, अब पाणिनी-चाणक्य पर आया लालच: पहचान के संकट में फँसे पाकिस्तान ने शुरू किया भारत का हिंदू इतिहास चुराने का...

पाकिस्तान अपनी पहचान के संकट से गुजर रहा है। वे भारतीय इतिहास, सिंधु घाटी सभ्यता, पाणिनी, चाणक्य और राजा पोरस पर अपना हक जता रहा है।
- विज्ञापन -