Homeराजनीतिरजनी ने डाला वोट, चुनाव आयोग ने माँगी रिपोर्ट

रजनी ने डाला वोट, चुनाव आयोग ने माँगी रिपोर्ट

अभिनेता शिवकार्तिकेयन और श्रीकांत के ख़िलाफ़ शिक़ायतें मिली हैं जिन्होंने गुरुवार को मतदान किया था, जबकि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था।

गुरुवार को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान, तमिल सुपरस्टार रजनीकांत की बाईं की जगह दाईं उँगली पर स्याही लगाने की भूल के लिए चुनाव अधिकारी को क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। मामला स्टेला मैरिस कॉलेज के मतदान केंद्र का है, जहाँ यह ग़लती हुई।

दरअसल, वोट देने के दौरान, अधिकारी को अभिनेता रजनीकांत की बाईं उँगली पर स्याही लगानी थी, लेकिन ग़लती से उनकी दाईं उँगली पर लगा दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सत्यव्रत साहू ने कहा, “नियम के अनुसार, यदि बाईं उँगली में कोई दिक्कत हो, तो बाएँ हाथ की ही दूसरी उँगलियों पर स्याही लगाई जा सकती है।”

ख़बर के अनुसार, साहू ने यह बताने से इनकार कर दिया कि यह किससे हुई थी। इस मामले पर CEO ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट माँगी है।

रजनीकांत ने कई बार वोट देने के अपने अधिकार के बारे में बोला है और साथ ही राजनीति में आने के अपने फैसले की भी वो घोषणा कर चुके हैं। फ़िलहाल इन संकेतों से अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि अभिनेता रजनीकांत का नाम किसी विवाद से जुड़ा हो। 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान, वीडियो में उन्हें किसी विशेष पार्टी के उम्मीदवार के लिए समर्थन करते दिखाया गया था।

अभिनेता शिवकार्तिकेयन और श्रीकांत के ख़िलाफ़ शिक़ायतें मिली हैं जिन्होंने गुरुवार को मतदान तो किया था, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
- विज्ञापन -