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लिबरल रोना भाग-2: अनुराग कश्यप सहित 49 ने PM को लिखी चिट्ठी, ‘जय श्री राम’ को बताया भड़काऊ वॉर क्राई

कुछ अभिनेता और डायरेक्टर्स ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है- राम के नाम पर देशभर में हिंसा हो रही है, ‘जय श्री राम’ का नारा युद्धघोष बन चुका है।

देश में जय श्री राम के नारे के ऊपर चल रही कथित बहस को लेकर बॉलीवुड एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बॉलीवुड के कुछ अभिनेता और डायरेक्टर्स, जिनमें श्याम बेनेगल और अनुराग कश्यप भी शामिल हैं, ने दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े कथित जुल्म, हेट क्राइम, मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

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इन कलाकारों ने पत्र के माध्यम से पीएम से पूछा है कि उन्होंने अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया है? इसके साथ ही पत्र में ‘जय श्री राम’ के नारे को उकसाने वाला ‘भड़काऊ’ वॉर क्राई बताया है। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता, फिल्म निर्माता और कलाकार पीएम को लिखे पत्र में इस पर रोक लगाने की माँग करते नजर आ रहे हैं।

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पत्र में जय श्रीराम का जिक्र

जुलाई 23, 2019 को लिखे गए इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि राम के नाम पर देशभर में हिंसा हो रही है, ‘जय श्री राम’ का नारा युद्धघोष बन चुका है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि 1 जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के दौरान देश में 254 धर्म आधारित हेट क्राइम को अंजाम दिया गया। यही नहीं, 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए। प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए इन कलाकारों ने लिखा है कि वो बताएँ कि अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया?

इन 49 कथित सेलिब्रिटीज में दक्षिण भारतीय सिनेमा के भी कुछ फिल्म निर्देशक अदूर गोपालकृष्णन, मणि रत्नम के साथ ही फिल्मकार अनुराग कश्यप, बिनायक सेन, सौमित्रो चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा, रेवती, फिल्मकार श्याम बेनेगल, शुभम मुद्गल, रूपम इस्लाम, अनुपम रॉय, परमब्रता, रिद्धि सेन शामिल हैं।

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इस पत्र में ऐसे अपराध के लिए दोषी पाए जाने वालों के लिए गैर-जमानती और ऐसी कड़ी से कड़ी सजा की माँग की गई है, जो समाज में उदाहरण बन सके। पत्र पर बिनायक सेन, डायरेक्टर अंजना दत्ता और गौतम घोष ने भी हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कुछ न कुछ हो रहा है। केंद्र में शामिल लोग किसी को भी ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दे रहे हैं।

इस पत्र को आप इन तस्वीरों में पढ़ सकते हैं –

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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