चुनाव से पहले AAP की छीछालेदर: फर्जी डिग्री वाले MLA का पत्ता कटा, अब बीवी लड़ेंगी चुनाव

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले दिनों फर्जी डिग्री के कारण जितेंद्र तोमर के 2015 के विधानसभा निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी ने जितेंद्र तोमर को इस बार भी प्रत्याशी बनाया था।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने त्रिनगर विधानसभा सीट से AAP उम्मीदवार जितेंद्र सिंह तोमर का टिकट काटकर उनकी पत्नी प्रीति तोमर को प्रत्याशी बनाया है। दिल्‍ली हाई कोर्ट ने हलफनामे में झूठी सूचना के आधार पर जितेंद्र सिंह तोमर की विधायकी रद्द कर दी थी, जिसके बाद आम आदमी पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा।

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले दिनों फर्जी डिग्री के कारण जितेंद्र तोमर के 2015 के विधानसभा निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी ने जितेंद्र तोमर को इस बार भी प्रत्याशी बनाया था। इसके खिलाफ सोमवार (जनवरी 20, 2019) को ही बीजेपी चुनाव आयोग पहुँची थी। बीजेपी की ओर से चुनाव आयोग में दायर की गई याचिका में कहा गया था कि दिल्ली हाई कोर्ट ने जितेंद्र सिंह तोमर की डिग्री को फर्जी पाया था, लेकिन आम आदमी पार्टी ने फिर से त्रिनगर से जितेंद्र सिंह तोमर को उम्मीदवार बना दिया।

बीजेपी ने इसको लेकर सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट भी किया था। बीजेपी ने Jhoothi AAP Sarkar के हैशटैग के साथ ट्वीट करते हुए लिखा, “फर्जी डिग्री के बावजूद केजरीवाल ने दिया जितेन्द्र तोमर को टिकट। वोट बैंक के लालच में कितना गिरोगे ‘आप’।” अब आम आदमी पार्टी ने जितेंद्र सिंह तोमर की जगह उनकी पत्नी प्रीति तोमर को मैदान में उतारा है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

फरवरी 2015 में जितेंद्र सिंह तोमर केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री बने थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने जून 2015 में उनको फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार कर लिया। फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तोमर को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। पिछले शुक्रवार (जनवरी 17, 2019) को ही हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जितेंद्र सिंह तोमर की डिग्री को फर्जी करार दिया था।

दिल्ली सरकार में कानून मंत्री रह चुके जितेंद्र सिंह तोमर को अपने खिलाफ फर्जी डिग्री देने के आरोप के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 2017 में बिहार में टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें दी गई कानून की डिग्री को रद्द कर दिया था। जाँच में यह पाया गया कि तोमर ने विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी की थी। साथ ही दिल्ली पुलिस की जाँच में पाया गया था कि तोमर के कानून और बीएससी की डिग्री फर्जी थी। जाँच में यह बात सामने आया था कि तौमर ने डिग्री पाने के लिए कोई परीक्षा नहीं दी थी। तोमर के साथ 16 अन्य लोग भी फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने में शामिल थे।

AAP नेता जितेंद्र सिंह तोमर ने 2013 और 2015 में त्रिनगर सीट से चुनाव लड़ा था। 2013 में वह लगभग 2800 वोटों से हार गए, जबकि 2015 में उन्हें लगभग 22 हजार वोटों से जीत मिली थी। जिसके बाद तोमर को दिल्ली सरकार में कानून मंत्री बनाया गया था। लेकिन जुलाई 2015 में उन्हें दिल्ली पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि बाद में तोमर जमानत पर रिहा हो गए थे।

दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होगा जबकि नतीजे 11 फरवरी को घोषित होंगे। इससे पहले 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल की थीं।

BJP की दूसरी लिस्ट जारी: CM केजरीवाल के खिलाफ सुनील यादव, हरिनगर से तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को टिकट

अनुसूचित जातियों और गरीब बच्चों के साथ खिलवाड़: दिल्ली की ‘शिक्षा क्रांति’ का काला सच

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

मोदी, उद्धव ठाकरे
इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है। लेकिन, सीएम बनने के बाद दिल्ली की अपनी पहली यात्रा पर उद्धव ऐसे वक्त में आ रहे हैं जब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ अनबन की खबरें चर्चा में हैं। इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियॉं अचानक से तेज हो गई हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

153,901फैंसलाइक करें
42,179फॉलोवर्सफॉलो करें
179,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: