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मध्य प्रदेश के जीवाजी यूनिवर्सिटी ने क्रांतिकारियों को बताया ‘आतंकवादी’: बीजेपी ने की कार्रवाई की माँग

"जिनके बलिदान के कारण हम खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं, उन्हें कोई कैसे आंतकवादी कह सकता है। मध्य प्रदेश सरकार से मेरी माँग है कि तुरंत ऐसे गैरजिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।"

मध्यप्रदेश के ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी मे परीक्षा के दौरान राजनीति शास्त्र के प्रश्न पत्र में क्रांतिकारियों की तुलना आतंकवादियो से किए जाने का शर्मनाक वाकया सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। जिसके बाद इसपर प्रदेश के शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने खुद संज्ञान लिया है और विश्वविद्यालय से सवाल पूछा गया है कि इसे पूछे जाने के पीछे आखिर क्या उद्देश्य था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा ये व्यवस्था बेहद गोपनीय होती है। ऐसा सवाल कैसे पूछा गया? इसके पीछे किसी का षडयंत्र था और उनकी क्या व्यवस्था थी। इन सब पर जाँच की जा रही है। साथ ही शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है कि, क्योंकि ये मामला विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए इसकी बेहद सतर्कता के साथ जाँच होगी।

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने पूरे मामले के मद्देनजर प्रमुख सचिव को अपने निवास पर बुलाया। साथ ही मामले को लेकर 3 सदस्यीय जाँच कमेटी भी गठित की गई। अब ये जाँच कमेटी 3 दिन के भीतर पूरे मामले की जाँच रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी।

रिपोर्ट आने के बाद मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। जीतू पटवारी के मुताबिक ये मात्र एक चूक नहीं है, बल्कि बहुत बड़ी गलती है। इसलिए जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई होगी ताकि आगे विश्वविद्यालयों में इस तरह की चूक ना हो।

बता दें, कि यह प्रश्न कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन क्षेत्र गुना के सरकारी कॉलेज में एमए राजनीति शास्त्र की 20 दिसंबर को हुई परीक्षा के दौरान पूछा गया था। जिसके प्रकाश में आने के बाद न सिर्फ छात्र संगठन बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए।

इस मामले पर मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर गैरजिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। शिवराज सिंह चौहान ने भी इस घटना को शर्मनाक और दुखदायी बताते हुए कहा, “जिनके बलिदान के कारण हम खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं, उन्हें कोई कैसे आंतकवादी कह सकता है। मध्य प्रदेश सरकार से मेरी माँग है कि तुरंत ऐसे गैरजिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।”

वहीं, प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार होने के बाद भी कॉन्ग्रेस के उपाध्यक्ष ने इस घटना पर कहा– “प्रदेश के शिक्षा संस्थानों में संघी मानसिकता के लोग घुस गए हैं। इसीलिए इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जीवाजी विश्वविद्यालय में पेपर किसने सेट किया, इसकी जाँच कराएँगे और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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