HomeराजनीतिBJP में शामिल होंगे सिंधिया? मध्य प्रदेश में फिर से बन सकती है 'मामाजी'...

BJP में शामिल होंगे सिंधिया? मध्य प्रदेश में फिर से बन सकती है ‘मामाजी’ की सरकार: रिपोर्ट्स

अगर ऐसा होता है तो मध्य प्रदेश में फिर से शिवराज सिंह चौहान की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी हो सकती है। ख़बर के अनुसार, सिंधिया ने कह दिया है कि अब वापसी की कोई सम्भावना नहीं है।

मध्य प्रदेश से बड़ी ख़बर आ रही है। मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल होने वाले हैं। ‘न्यूज़ 24’ के मानक गुप्ता ने अपनी ट्वीट में बताया है कि सिंधिया भाजपा में शामिल हो रहे हैं और शिवराज सिंह चौहान को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।

अगर ऐसा होता है तो मध्य प्रदेश में फिर से शिवराज सिंह चौहान की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी हो सकती है। ख़बर के अनुसार, सिंधिया ने कह दिया है कि अब वापसी की कोई सम्भावना नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, रविवार की शाम कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात भाजपा के बड़े नेताओं से हुई है। कहा जा रहा है कि इस मुलाकात में सिंधिया को राज्यसभा भेजने के फॉर्मूले पर सहमति बनी है।हालाँकि, सिंधिया की माँग है कि केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। ऐसा विभिन्न ख़बरों में कहा जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -