Tuesday, August 9, 2022
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मैं सिर्फ एक गाँव का CM हूँ… पूरे राज्य का मुख्यमंत्री बनने में बहुत खर्चा हो जाएगा!

चिंतमडाका गाँव के प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख। तेलंगाना के गाँवों में 53,48,750 परिवार (औसत) रहते हैं। मतलब 5348750 गुणा 10 लाख रुपए - बस। पूरे राज्य का CM बनने के लिए सिर्फ इतना ही खर्चा आएगा सरकार पर।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपने पैतृक गाँव चिंतमडाका में रहने वाले प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख देने का ऐलान किया है। इसका फायदा गाँव के कुल दो हजार परिवारों को मिलेगा। सोमवार (जुलाई 22, 2019) को गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे मुख्यमंत्री ने ये घोषणा की। इस दौरान केसीआर ने कहा कि उनका जन्म सिद्दिपेट जिले के चिंतमडाका गाँव में हुआ है। वो इस गाँव के लोगों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वो ऐलान करते हैं कि उनके गाँव चिंतमडाका के प्रत्येक परिवार को सरकार की तरफ से ₹10 लाख दिए जाएँगे। इस राशि से वो कुछ भी खरीद सकते हैं। इससे गाँव के लोग ट्रैक्टर, खेत और खेती की मशीनें भी खरीद सकते हैं।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से सरकारी राजस्व पर ₹200 करोड़ का बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द ही इस राशि को मंजूरी प्रदान कर देंगे और जल्द ही सभी परिवार को ये राशि मिल जाएगी। साथ ही सीएम ने विधायक और कलेक्टर से गाँव के लोगों का स्वास्थ्य प्रोफाइल भी तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरह ही यहाँ भी सभी नागरिकों के ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट का डेटा एक माउस के क्लिक पर उपलब्ध होना चाहिए ताकि उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके। राव ने गाँव के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वो लोग अपने पुराने मकानों को हटाकर नए मकान बनवा सकते हैं ।

सीएम के अनुसार यह मदद स्‍व-रोजगार के लिए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गाँव के युवा जिस भी काम से पैसा कमाना चाहें, उनकी मदद की जाए। उन्‍होंने कहा कि आजीविका की तलाश में गाँव से बाहर गए लोगों को भी वापस लाया जाए। हाल ही में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के वरिष्ठ नेता टी रामा राव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव की तारीफ करते हुए कहा था कि राव राज्य और उनके लोगों के लिए केंद्र सरकार या किसी भी राजनीतिक दल से लड़ सकते हैं।

तेलंगाना की सरकारी वेबसाइट से उठाई गई जानकारी

ऊपर के स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखिए। तेलंगाना में ग्रामीण परिस्थिति के आँकडे़ को यह बखूबी दर्शाता है। चिंतमडाका गाँव की तो किस्मत अच्छी थी कि यहाँ श्रीमान मुख्यमंत्री जी का जन्म हुआ। बाकी के गाँव अपनी किस्मत को रो रहे होंगे। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अगर चाहते हैं कि अन्य गाँवों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार न हो तो उन्हें कुछ ज्यादा नहीं करना होगा। छोटा सा गणित (सिम्पल गुणा-भाग) सॉल्व करके वो पूरे राज्य के मुख्यमंत्री होने का दावा कर सकते हैं।

ऊपर मुख्यमंत्री की साइट से ही जो जानकारी ली गई है, उसके अनुसार एक परिवार की औसत साइज 4 लोगों की है। और ग्रामीणों की कुल संख्या है – 213.95 लाख। मतलब कुल परिवार हो गए – 213.95 में 4 से भाग देना। यानी कि 53,48,750 परिवार तेलंगाना के गाँवों में रहते हैं। अपने पैतृक गाँव के हर परिवार को 10 लाख रुपए देने वाले मुख्यमंत्री को अब बस गुणा करना होगा। मतलब 5348750 गुणा 10 लाख रुपए – बस। और इतने रुपए उनकी जेब से नहीं जाएँगे, जेब से तो खैर वो अपने गाँव वालों को भी नहीं दिए होंगे!

जब तब के चंद्रशेखर राव यह गुणा कर पाएँगे, बजट पास करेंगे… तब तक उन्हें खुद को चिंतमडाका गाँव का मुख्यमंत्री घोषित कर देना चाहिए। इसके लिए उन्हें राज्यपाल को चिट्ठी लिखना पड़े, विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाना पड़े या फिर राज्य में आपातकाल लगाना पड़े… करना उन्हें यही चाहिए। क्योंकि इसके बिना वो पूरे राज्य के मुख्यमंत्री तो निश्चित तौर पर नहीं हैं!

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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