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कॉन्ग्रेस की जीत के बाद कर्नाटक विधानसभा में लगे थे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, फॉरेंसिक जाँच से खुलासा: मीडिया में सूत्रों के हवाले से दावा

सूत्रों से चलाई जा रही खबर में कहा गया है कि जो फॉरेंसिक रिपोर्ट राज्य सरकार को दी गई है उससे कन्फर्म होता है कि पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी वीडियो और ऑडियो दोनों में हुई है।

कर्नाटक विधानसभा में कॉन्ग्रेस नेता की जीत पर लगे नारों के बाद जो विवाद उपजा उस पर एक नई जानकारी सामने आई है। इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवालों से छापी रिपोर्ट में बताया है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि वीडियो में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद-जिंदाबाद’ ही कहा जा रहा था।

इंडिया टुडे की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कहा गया है कि जो फॉरेंसिक रिपोर्ट राज्य सरकार को दी गई है उसमें कन्फर्म है कि पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी वीडियो और ऑडियो दोनों में हुई है। यानी कि जो फुटेज भाजपा नेताओं ने शेयर की थी वो बिलकुल भ्रामक नहीं है।

गौरतलब हो कि अगर इंडिया टुडे की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में दी जानकारी सही निकलकर आती है तो ये सवाल जरूर उठेगा कि आखिर ऑल्ट न्यूज वाले मोहम्मद जुबैर ने और कॉन्ग्रेस मंत्री प्रियांक खड़गे ने कौन सी रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि सदन में कहीं पाकिस्तान समर्थन में नारे नहीं लगे और सारे आरोप भाजपा की साजिश हैं।

बता दें कि मोहम्मद जुबैर ने और प्रियांक खड़गे ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के मामले में नासिर हुसैन के समर्थकों को क्लीन चिट उसी दिन दे दी थी जब ये मामला मीडिया में सामने आया था। कॉन्ग्रेस मंत्री प्रियांक खड़गे ने तो कहा था कि उन्होंने फॉरेंसिक जाँच भी करवा ली है और रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं मिला।

हालाँकि उसके अगले ही दिन खबर आई कि पुलिस तो अभी इस मामले में जाँच कर ही रही है। उन्होंने बताया था कि उन्होंने ब्यादगी शहर से शफी नशीपुड़ी नाम के शख्स को हिरासत में लिया है और उसकी आवाज का सैंपल मिलाने के लिए जाँच के लिए भेजा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार हावेरी के एसपी अंशु कुमार ने बताया था कि 27 फरवरी को विधानसभा में नारेबाजी को लेकर एक केस दर्ज हुआ था। बाद में इस मामले में मोहम्मद शफी को उठाया गया था। उससे पूछताछ हुई। वहीं शफी ने मीडिया में आकर सबको बताया कि उसने नासिर खान जिंदाबाद, नासिर साहब जिंदाबाद कहा है, जो आरोप लग रहे हैं वो सारे झूठे हैं।

अब देखना है कि सूत्रों के हवाले से जो एक्सक्लूसिव खबर इंडिया टुडे ने चलाई है उसकी सच्चाई क्या है। मामले में आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्पष्ट होगा भाजपा नेताओं के दावे सच थे या फिर कॉन्ग्रेस मंत्री की बात।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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