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CBI करेगी कुमारस्वामी सरकार के दौरान हुई फोन टैपिंग के आरोपों की जाँच: CM येदियुरप्पा ने लिया फैसला

अयोग्य करार दिए गए जद (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए थे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कुमारस्वामी सरकार के दौरान फोन टैपिंग स्कैंडल मामले की जाँच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। येदियुरप्पा ने रविवार (अगस्त 18, 2019) को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सभी दल के नेताओं ने फोन टैपिंग मामले में उच्चस्तरीय जाँच की माँग की थी, इसलिए उन्होंने इस केस की जाँच सीबीआई से कराने का फैसला लिया है।

येदियुरप्पा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘टेलीफोन टैपिंग के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया समेत कई नेताओं ने कहा कि इसकी जाँच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसलिए मैंने सीबीआई जाँच का आदेश देने का फैसला किया है।”

गौरतलब है कि अयोग्य करार दिए गए जद (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने पिछले सप्ताह एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए। इसके बाद येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है। सिद्दरमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री रहे एम बी पाटिल समेत कॉन्ग्रेस नेताओं ने जाँच की माँग की है, जबकि पार्टी के एक अन्य अहम नेता और पूर्व मंत्री डी के शिवकुमार ने आरोपों को खारिज कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार समेत कई भाजपा नेताओं ने कुमारस्वामी पर अपनी सरकार बचाने के लिए इस प्रकरण के पीछे होने का आरोप लगाया है। विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद पिछले महीने गठबंधन सरकार गिर गई थी। कुमारस्वामी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मुझे फोन टैप करके कुर्सी बचाने की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले में कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वे सच्चाई से परे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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