Monday, June 14, 2021
Home राजनीति SFI का टॉर्चर चैंबर: जिस कॉलेज में निषाद की पीठ पर SFI गोदा, वहीं...

SFI का टॉर्चर चैंबर: जिस कॉलेज में निषाद की पीठ पर SFI गोदा, वहीं चंद्रन के सीने में घोंपा चाकू

वर्ष 2000 में निषाद के साथ हिंसात्मक घटना हुई थी जिसके बाद SFI को कैंपस में अपनी यूनिट भंग करनी पड़ गई थी। निषाद को उसी टॉर्चर चैंबर में ले जाया गया था जहाँ उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसकी पीठ पर ‘SFI’ गोद दिया गया था।

केरल में वामपंथी संगठन किस तरह से गुंडागर्दी पर उतारू है यह बात तृतीय वर्ष के छात्र अखिल चंद्रन पर जानलेवा हमले से एक बार फिर उजागर हो गई। साथ ही राज्य की शासन व्यवस्था ने हमलावरों का बचाव करके अपनी दलगत राजनीति का प्रमाण भी दिया। दरअसल, पिछले महीने एक ख़बर सामने आई थी कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कथित तौर पर एक छात्र के सीने में चाकू घोंप दिया गया था। जिस छात्र के साथ यह घटना घटित हुई थी वो बीए (राजनीति) तृतीय वर्ष का छात्र अखिल चंद्रन था। इस घटना के पीछे वामपंथी छात्र संगठन SFI (Student Fedration Of India) के कार्यकर्ताओं का हाथ था। चंद्रन के सीने में SFI के अध्यक्ष आर शिवरंजीथ ने चाकू मारा था, जबकि संगठन के सचिव एएन नसीम ने उसे (चंद्रन) पकड़ रखा था।

इस घटना से गुस्साए लोगों ने विरोध स्वरूप SFI के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के साथ-साथ दोषियों को सज़ा दिलाने की माँग भी उठाई थी। यह घटना काफ़ी दिनों तक सुर्ख़ियों में छाई रही। कॉलेज कैंपस में इस तरह का हिंसात्मक व्यवहार बेहद असाधारण है। अखिल चंद्रन ख़ुद भी SFI के लोकल कमेटी मेंबर है, जो फ़िलहाल ठीक है। लेकिन इस घटना से ब्रिटिश युग का यह कॉलेज सुर्ख़ियों में आ गया है।

इस कॉलेज के छात्र संगठन पर पिछले दो दशक से SFI का क़ब्जा है। राज्य में माकपा नीत LDF सरकार के लिए यह बड़ी शर्मिंदगी की बात है कि अखिल चंद्रन पर हमला करने वाले छ: गिरफ़्तार आरोपितों में से नसीम और शिवरंजीथ पुलिस कॉस्टेबल की भर्ती सूची की रैंकिंग में सबसे टॉप पर हैं।

इस मुद्दे पर विपक्षी दल कॉन्ग्रेस का कहना है कि इससे पता चलता है कि राज्य सरकार क़ानून और व्यवस्था पर माकपा की पकड़ को मज़बूत करने के लिए ‘समानांतर भर्ती केंद्र’ के रूप में SFI का उपयोग कर रही है। SFI ने अब कॉलेज में अपनी स्टूडेंस विंग को भंग कर दिया है।

इस कॉलेज के बारे में बता दें कि इसकी स्थापना वामपंथी 1866 में त्रावणकोर के शाही परिवार द्वारा की गई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति के आर नारायण, पूर्व महाराष्ट्र गवर्नर पीसी अलेक्जेंडर, सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज फ़ातिमा बीवी समेत कई बड़े राजनेताओं, ब्यूरोक्रेट्स और साहित्यकारों ने पढ़ाई की है।

ख़बर के अनुसार, 1970 के दशक में, SFI संगठन एक मामूली छात्र संगठन था, जबकि कॉन्ग्रेस का ‘केरल स्टूडेंट यूनियन’ (KSU) छात्र संगठन राजनीति पर हावी था। लेकिन, 80 के दशक में चीजें बदल गईं जब SFI ने कॉलेजों को स्वायत्तता देने के ख़िलाफ़ हिंसक विरोध प्रदर्शन किए।

कुछ वर्षों में, कॉलेज पर धीरे-धीरे SFI का अच्छा-ख़ासा दबदबा बन गया। जिसे CPI (M) और उसकी युवा शाखा DFYI ने मज़बूत बनाया। KSU नेता को आखिरी बार कॉलेज यूनियन में 1986 में चुना गया था।

कैंपस में एक SFI का दफ़्तर है जो टॉर्चर चैंबर के रूप में विख्यात है। यहाँ उन लोगों को प्रताड़ित किया जाता है जो SFI नेताओं की बात नहीं माानता। वर्ष 2000 में निषाद के साथ हिंसात्मक घटना हुई थी जिसके बाद SFI को कैंपस में अपनी यूनिट भंग करनी पड़ गई थी। निषाद को उसी टॉर्चर चैंबर में ले जाया गया था जहाँ उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसकी पीठ पर ‘SFI’ गोद दिया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महाराष्ट्र में अब अकेले ही चुनाव लड़ेगी कॉन्ग्रेस, नाना पटोले ने सीएम उम्मीदवार बनने की जताई इच्छा

पटोले ने अमरावती में कहा, ''2024 के चुनाव में कॉन्ग्रेस महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। केवल कॉन्ग्रेस की विचारधारा ही देश को बचा सकती है।''

चीन की वुहान लैब में जिंदा चमगादड़ों को पिंजरे के अंदर कैद करके रखा जाता था: वीडियो से हुआ बड़ा खुलासा

वीडियो ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चमगादड़ों को लैब में रखना और कोरोना के वुहान लैब से पैदा होने की बात करना महज एक 'साजिश' है।

‘लौट आओ, रोज दूँगी मालपुआ’: सुशांत की बरसी पर रिया चक्रवर्ती का पोस्ट, मौत के बाद बताया था ड्रग एडिक्ट और मानसिक बीमार

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया की भूमिका सवालों के घेरे में रही। खुद सुशांत के परिवार ने रिया चक्रवर्ती को ही मुख्य आरोपी बनाया था और उन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर होने वाली थी पिटाई? लोगों से पहले ही उतरवा लिए गए जूते-चप्पल: रिपोर्ट

केजरीवाल पर हमले की घटनाएँ कोई नई बात नहीं है और उन्हें थप्पड़ मारने के अलावा स्याही, मिर्ची पाउडर और जूते-चप्पल फेंकने की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं।

हिंसा से भी खौफनाक बंगाल का सिस्टम: पीड़ितों का अब सुप्रीम कोर्ट ही सहारा

हिंसा पीड़ित नागरिकों की कौन सुनेगा? उनके विरुद्ध हुई हिंसा को रिपोर्ट करने के लिए राज्य सरकार की कौन सी संवैधानिक संस्था उपयुक्त हो सकती है?

चाचा ने ही कर डाला चिराग तले अंधेरा: कार चलाना, आधे घंटे हॉर्न बजाना और मॉं की दुहाई भी काम न आई

उधर चिराग पासवान अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए खुद चाचा के घर पहुँचे, जहाँ उनके लिए दरवाजा तक नहीं खोला जा रहा था। वो खुद कार चला तक चाचा के बंगले पर पहुँचे थे।

प्रचलित ख़बरें

राम मंदिर में अड़ंगा डालने में लगी AAP, ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश: जानिए, ‘जमीन घोटाले’ की हकीकत

राम मंदिर जजमेंट और योगी सरकार द्वारा कई विकास परियोजनाओं की घोषणाओं के कारण 2 साल में अयोध्या में जमीन के दाम बढ़े हैं। जानिए क्यों निराधार हैं संजय सिंह के आरोप।

‘हिंदुओं को 1 सेकेंड के लिए भी खुश नहीं देख सकता’: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से पहले घृणा की बैटिंग

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि जीते कोई भी, लेकिन ये ट्वीट ये बताता है कि इस व्यक्ति की सोच कितनी तुच्छ और घृणास्पद है।

कीचड़ में लोटने वाला सूअर मीका सिंह, हवस का पुजारी… 17 साल की लड़की को भेजा गंदे मैसेज और अश्लील फोटो: KRK

"इसने राखी सावंत को सूअर के जैसे चूसा। सूअर की तरह किस किया। इस तरह किसी लड़की को जबरदस्ती किस करना किसी रेप से कम नहीं है।"

सिख विधवा के पति का दोस्त था महफूज, सहारा देने के नाम पर धर्मांतरण करा किया निकाह; दो बेटों का भी करा दिया खतना

रामपुर जिले के बेरुआ गाँव के महफूज ने एक सिख महिला की पति की मौत के बाद सहारा देने के नाम पर धर्मांतरण कर उसके साथ निकाह कर लिया।

इब्राहिम ने पड़ोसी गंगाधर की गाय चुराकर काट डाला, मांस बाजार में बेचा: CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

इब्राहिम की गाय को जबरदस्ती घसीटने की घिनौनी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। गाय के मालिक ने मालपे पुलिस स्टेशन में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

6 साल के पोते के सामने 60 साल की दादी को चारपाई से बाँधा, TMC के गुंडों ने किया रेप: बंगाल हिंसा की पीड़िताओं...

बंगाल हिंसा की गैंगरेप पीड़िताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बताया है कि किस तरह टीएमसी के गुंडों ने उन्हें प्रताड़ित किया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,816FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe