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जानिए कौन हैं शाक्य, जिन्हें डिंपल यादव के खिलाफ भाजपा ने मैदान में उतारा: रामपुर में आज़म के खिलाफ लंबा संघर्ष करने वाले को मौका

शिवपाल यादव ने उन्हें अपनी पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में रघुराज शाक्य ने इटावा सदर सीट से दावेदारी की थी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी। पार्टी ने इस सीट से समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी डिंपल यादव के खिलाफ शिवपाल यादव के करीबी रघुराज सिंह शाक्य (Raghuraj Singh Shakya) को मैदान में उतारा है। सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के निधन के बाद मैनपुरी सीट खाली हुई थी।

शाक्य भले हीं इटावा से हैं, लेकिन भाजपा ने रणनीति के तहत उन्हें डिंपल यादव के खिलाफ खड़ा किया है। दरअसल, अगर जातिगत समीकरण देखें तो मैनपुरी में यादव समाज के बाद शाक्य समाज की आबादी सबसे ज्यादा है। वहीं, पार्टी ने यूपी की रामपुर (Rampur) और खतौली सीट (Khatauli) विधानसभा सीट के लिए भी अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। इसके अलावा भाजपा ने राजस्थान के सरदारशहर, बिहार के कुरहानी और छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के लिए भी अपने प्रत्याशी की घोषणा की है।

शाक्य दो बार सांसद, एक बार विधायक रह चुके हैं

दो बार सांसद और एक बार विधायक रहे रघुराज सिंह शाक्य पिछड़ा वर्ग में अच्छी पैठ रखते हैं। इटावा निवासी रघुराज सिंह शाक्य सपा में रहते हुए 1999 और वर्ष 2004 में इटावा से सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भी सपा की टिकट पर इटावा सदर सीट से उन्होंने जीत हासिल की थी। 27 जनवरी, 2017 को रघुराज शाक्य ने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वे शिवपाल सिंह यादव से जुड़ गए।

शिवपाल यादव ने उन्हें अपनी पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में रघुराज शाक्य ने इटावा सदर सीट से दावेदारी की थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने का मौका मिलने पर भाजपा प्रत्याशी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। पीएम मोदी, सीएम योगी और पार्टी को धन्यवाद करता हूँ। देश की जनता परिवर्तन करने का काम करेगी। मैनपुरी की जनता बदलाव के लिए तैयार है। यहाँ भी जनता राम राज्य की स्थापना करने का काम करेगी। राज्य में सुशासन की सरकार है। आजमगढ़, रामपुर और गोला उपचुनाव में ये साबित हो गया है। बीजेपी यहाँ चुनाव जीतने का काम करेगी। राजा और महाराजाओं का राज अब खत्म होगा। हम राज्य में वर्षों तक रहे गुंडा राज्य के मुद्दे को उठाएँगे।”

रामपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा ने आकाश सक्सेना को अपना प्रत्याशी बनाया है। ये वही आकाश सक्सेना हैं, जिन्होंने पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी। आकाश की मेहनत और संघर्ष का पार्टी ने इनाम दिया है। आजम खान को तीन साल की सजा मिलने के बाद रामपुर की सीट खाली हुई है।

इसके आलावा मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने राजकुमारी सैनी को उम्मीदवार बनाया है। राजकुमारी सैनी खतौली के पूर्व विधायक विक्रम सिंह सैनी की पत्नी हैं। इस सीट पर सपा गठबंधन से आरएलडी ने मदन भैया को उम्मीदवार बनाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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