Monday, May 16, 2022
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‘लता मंगेशकर राजनेता नहीं, श्मशान बन जाएगा शिवाजी पार्क, ये खेल के मैदान का अतिक्रमण’: स्मारक के विरोध में अजीब तर्क दे रहे महाराष्ट्र के नेता

शिव सेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे का स्मारक शिवाजी पार्क में ही है। बाला साहेब के बाद लता मंगेशकर दूसरी ऐसी व्यक्ति हैं, जिनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में किया गया है। बाला साहेब के अंतिम संस्कार वाले स्थान से कुछ ही दूरी पर लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया गया था।

सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन के बाद उनकी मेमोरियल बनाने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा और कॉन्ग्रेस के नेता ने शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर का स्मारक बनाने की माँग की है। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), शिवसेना और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए विरोध किया है।

बहुजन आघाडी के नेता और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि शिवाजी पार्क को पार्क ही रहने देना चाहिए, उसके कब्रिस्तान नहीं बनाना चाहिए। खेल मैदान में खेला जाना चाहिए और स्मारक के लिए कई स्थान हैं। अंबेडकर ने कहा, लता मंगेशकर जिंदा थी तो मुझे पूछना चाहिए था कि उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का गाना क्यों नहीं गाया। प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि लता मंगेशकर ने ना बाबा साहेब के गीत गाए और ना ही सरदार पटेल और पंडित जवाहरलाल नेहरू के।

भाजपा विधायक राम कदम और कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने माँग की है कि दादर स्थित शिवाजी पार्क में जहाँ लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया गया है, वहीं उनका स्मारक बनाया जाए। राम कदम की माँग को शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने छींटाकशी बताया है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “हमारी पार्टी का और लता मंगेशकर जी का बहुत ही गहरा रिश्ता था। उन्हें जो रेस्पेक्ट मिलना चाहिए उसका पूरी तरह सम्मान करेंगे।” चतुर्वेदी ने कहा कि जब पूरा देश उनके गम में गमगीन है, ऐसे में स्मारक की माँग करना ठीक नहीं है। इस तरह की चर्चा का यह सही समय नहीं है।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि लता मंगेशकर करोड़ों लोगों की दिलों में हैं और उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता, वो कोई राजनेता नहीं थीं कि उनकी स्मारक बनाने की माँग की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्मारक बनाने की माँग करके राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके स्मारक को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विचार करने की जरूरत है।

उधर राज ठाकरे की मनसे का भी कहना है कि शिवाजी पार्क को राजनीति की बलि नहीं चढ़ाने दिया जाएगा। मनसे का कहना है कि शिवाजी पार्क खेल के लिए है, इसलिए इसका अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। पार्टी नेता संदीप देशपांडे का कहना है कि बाला साहेब ठाकरे और लता मंगेशकर खेलप्रेमी थे। उन्हें यह सब पसंद नहीं आता। देशपांडे ने कहा कि शिवाजी पार्क के लिए दादर के लोगों ने संघर्ष किया है और इसे अतिक्रमण से बचाया है।

बता दें कि शिव सेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे का स्मारक शिवाजी पार्क में ही है। बाला साहेब के बाद लता मंगेशकर दूसरी ऐसी व्यक्ति हैं, जिनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में किया गया है। बाला साहेब के अंतिम संस्कार वाले स्थान से कुछ ही दूरी पर लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया गया था। लता मंगेशकर का रविवार (6 फरवरी) को 92 वर्ष की आयु में देहांत हो गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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