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भगवान राम के चित्र वाले बैनरों को हटाया, कचरा उठाने वाली गाड़ी में डाल कर ले गए: BJP ने दर्ज कराई शिकायत

"इन बैनरों में कुछ भी उत्तेजक नहीं था, जिससे कोई विवाद पैदा होता। इन बैनरों के द्वारा श्री राम मंदिर के लिए चंदा एकत्रित करने की शुरुआत की गई थी, जिनका प्रशासन ने ये हश्र किया है।"

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद नगर निगम द्वारा नियुक्त कुछ ठेकेदारों ने भगवान राम के चित्र वाले बैनर हटा दिए है और उन्हें कचरा इकट्ठा करने वाले वाहन में ले जाया गया है। इससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं है।

आपको बता दें कि बीजेपी नेताओं ने इन्हीं बैनर्स के द्वारा श्री राम मंदिर के लिए चंदा एकत्रित करने की शुरुआत की थी, जिनका प्रशासन ने ये हश्र किया है। भाजपा के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि उन बैनरों पर, अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए चंदा एकत्र करने का आह्वान किया गया था, मगर आपसी मतभेद के चलते प्रशासन ये हथकंडे अपना रहा है। 

यह बैनर शहर के हिंदू राष्ट्र चौक, मल्हार चौक और अन्य इलाकों में लगाए गए थे। जिनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ प्रभू के मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्रित करना था, ना कि कोई प्रपंच करना। मगर प्रशासन ने इऩ्हें ना सिर्फ हटाया है बल्कि कचरा ढोने वाली गाड़ी में इन्हें ले जाकर हिंदूओं की धार्मिक भावनाएँ भी आहत की हैं। भाजपा नेताओं ने एक ज्ञापन में कहा, “इन बैनरों में कुछ भी उत्तेजक नहीं था, जिससे कोई विवाद पैदा होता।”

पुंडलिक नगर पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक घनश्याम सोनवणे ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत का आवेदन मिला है। उन्होंने कहा, “तथ्यों की जाँच की जाएगी और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।” 

औरंगाबाद के इन ठेकेदारों पर कार्रवाई की माँग तेज हो गई है। बीजेपी का कहना है कि भगवान राम हमारी आस्था के प्रतीक हैं। इसलिए ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भगवान के पोस्टर को इस तरह कूड़ा गाड़ी में ले जाने का मुद्दा गर्मा गया है। कार्यकर्ताओं ने ये भी कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। 

गौरतलब है कि औरंगाबाद शहर का नाम बदलने को लेकर शिवसेना और कॉन्ग्रेस के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (MVA) की सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा था, “कॉन्ग्रेस जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों का विचार है कि औरंगाबाद को संभाजीनगर (Sambhaji Nagar) का नाम नहीं दिया जाना चाहिए।” 

राउत ने कहा कि औरंगजेब धर्मनिरपेक्ष नहीं था वो एक क्रूर प्रशासक था। वहीं इस पर पलटवार करते हुए कॉन्ग्रेस के बड़े नेता बाला साहेब थोराट ने कहा कि महाराष्ट्र और केंद्र में पिछले कई साल तक रहे लोग अब नाम बदलने को लेकर राजनीति कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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