Sunday, July 25, 2021
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मणिशंकर अय्यर ने राम मंदिर पर दिया ‘मणिशंकरी’ बयान

मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से बेहूदे बयान देने के सिवाय काम की कोई बात की भी नहीं है। इसलिए, आजकल कोई ऐसी बहकी और बेतुकी बातें करता है तो लोग कह देते हैं कि मणिशंकर-टाइप मत बोलो।

दिल्ली में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के बैनर तले एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ दिया गया। इस कार्यक्रम में बतौर वक्ता कांग्रेस पार्टी के नेता मणिशंकर अय्यर को आमंत्रित किया गया था। अय्यर ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “राजा दशरथ के महल में दस हजार कमरे थे, राम किस कमरे में पैदा हुए थे?” अय्यर ने कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा, “यदि आप मंदिर बनाना चाहते हैं तो ज़रूर बनाइए, लेकिन आप कैसे कह सकते हैं कि मंदिर वहीं बनाएँगे। राम यहीं पैदा हुए थे, यहाँ मस्जिद है इसलिए मंदिर यहीं बनाएँगे। पहले मस्जिद तोड़ेंगे और फिर मंदिर वहीं बनाएँगे। ऐसे में मैं कहता हूँ  कि क्या अल्लाह में भरोसा रखना हिंदुस्तानी के लिए गलत है।”

अय्यर के इस बयान से देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों हिंदुओं के आस्था को ठेस पहुँची है। राम मंदिर का मसला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद अय्यर का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। अय्यर ने यह बयान देकर एक तरह से राम मंदिर पर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। यही नहीं अय्यर के इस बयान में कॉन्ग्रेस पार्टी के उस छिपे हुए चेहरे को भी देखा जा सकता है, जो हिंदुओं के ख़िलाफ़ है।

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2014 में अय्यर के विवादास्पद बयान

मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से बेहूदे बयान देने के सिवाय काम की कोई बात की भी नहीं है। इसलिए, आजकल कोई ऐसी बहकी और बेतुकी बातें करता है तो लोग कह देते हैं कि मणिशंकर-टाइप मत बोलो। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान भी अय्यर ने विवादास्पद बयान दिया था। इस बयान में अय्यर ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान के बाद भाजपा ने कॉन्ग्रेस को बैकफ़ुट पर जाने के लिए मजबूर कर दिया था। यही नहीं, अय्यर को इस बयान के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। हालाँकि, बाद में वरिष्ठ नेताओं ने उनकी सदस्यता दोबारा से बहाल कर दिया था।  

2017 में भी विवादास्पद बयान दे चुके हैं

2017 में एक बार फिर से अय्यर ने विवादास्पद बयान दिया था। इस बार फिर से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को टार्गेट किया। इस बार उन्होंने मोदी को ‘चायवाला ’ कहकर उपहास उड़ाना चाहा। अय्यर के इस बयान के बाद भाजपा के नेताओं ने उनका घेराव करना शुरू कर दिया। इस बार भी कॉन्ग्रेस पार्टी ने अय्यर के विवादास्पद बयान से खुद को अलग कर लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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