HomeराजनीतिBJP ने 10 MLC उम्मीदवारों की सूची घोषित की: बिहार में 3 और यूपी...

BJP ने 10 MLC उम्मीदवारों की सूची घोषित की: बिहार में 3 और यूपी में 7 नामों की घोषणा, झारखंड के राज्यसभा की 1 सीट पर प्रदीप वर्मा को उतारा

बीजेपी ने बिहार और यूपी के MLC चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया है। बिहार से मंगल पांडेय, डॉ. लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह, तो यूपी से विजय बहादुर पाठक, महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघल, संतोष सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।

बीजेपी ने बिहार और उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया है। बिहार से बीजेपी ने मंगल पांडेय, डॉ लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश से बीजेपी ने विजय बहादुर पाठक, महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघल, संतोष सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी गई है।

बीजेपी ने इन 3 लोगों को बनाया उम्मीदवार

बीजेपी ने बिहार से विधान परिषद के लिए मंगल पाण्डेय, डॉ लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह के नाम घोषित किए हैं। वहीं, मौजूदा एमएलसी और सीनियर नेता शाहनवाज हुसैन को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है, उनके बारे में माना जा रहा है कि वो लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार बन सकते हैं। आगामी 21 मार्च को बिहार विधान परिषद के लिए 11 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं।

यूपी में इन 7 लोगों को टिकट

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए जिन सात लोगों को उम्मीदवार बनाया है, उनमें बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल का नाम शामिल है। इसके अलावा इस लिस्ट में विजय बहादुर पाठक, डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघल और संतोष सिंह का नाम भी शामिल हैं।

झारखंड की राज्यसभा सीट के लिए भी उम्मीदवार की घोषणा

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने झारखंड में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने झारखंड से डॉ प्रदीप वर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

बता दें कि बिहार में एमएलसी चुनाव के लिए 11 सीटें खाली हैं। जिसमें बीजेपी के अलावा जेडीयू से नीतीश कुमार, खालिद अनवर, हम पार्टी से संतोष सुमन के नाम हैं, तो आरजेडी से राबड़ी देवी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, फैसल अली, उर्मिला ठाकुर और सीपीआईएमएल से शशि यादव शामिल हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -