Homeराजनीतिअभी हम सरकार गिराने का प्रयास नहीं करेंगे, कॉन्ग्रेस वाले आपस में लड़ रहे...

अभी हम सरकार गिराने का प्रयास नहीं करेंगे, कॉन्ग्रेस वाले आपस में लड़ रहे हैं: येदियुरप्पा

येदियुरप्पा ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि फ़िलहाल पार्टी को सत्ता में आने की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि राज्य इकाई के पास ज़िम्मेदार विपक्षी पार्टी होने के तौर पर काम करने की सभी क्षमताएँ मौजूद हैं।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा की उम्मीदों पर मानो पानी फिर गया। दरअसल, उनकी दिली तमन्ना है कि वो कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनें और इसलिए वो काफी समय से प्रयासरत हैं कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन किसी तरह से टूट जाए। उनकी इस मंशा पर विराम लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने उन्हें निर्देश दिया है कि वो वर्तमान राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास न करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिल्ली से रवाना होते समय शुक्रवार (31 मई) को येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा, “पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने सख़्त निर्देश देते हुए कहा है कि गठबंधन सरकार को अस्थिर करने की कोशिश ना की जाए। यह फ़ैसला हो चुका है कि भाजपा गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश नहीं करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि सिद्धारमैया ख़ुद अपने कुछ विधायकों को मेरे पास भेज रहें हैं और वो राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।”

इसके अलावा येदियुरप्पा ने यह भी कहा, “हम फिलहाल चुप रहेंगे। वे (कॉन्ग्रेस) आपस में लड़ सकते हैं और कुछ भी हो सकता है। हमें स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि राज्य में सरकार को परेशान करने का प्रयास न करें।”

येदियुरप्पा ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि फ़िलहाल पार्टी को सत्ता में आने की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि राज्य इकाई के पास ज़िम्मेदार विपक्षी पार्टी होने के तौर पर काम करने की सभी क्षमताएँ मौजूद हैं। ख़बर के अनुसार, येदियुरप्पा ने मध्यावधि चुनाव की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया और कहा, “मैं इस समय मध्यावधि चुनाव को लेकर अटकलें नहीं लगाना चाहता।” येदियुरप्पा के इस बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्रीय नेतृत्व कर्नाटक राज्य में सरकार बनाने को लेकर चिंतित नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -