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दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों की ‘साजिशकर्ता’ नताशा नरवाल को 3 हफ्तों की अंतरिम जमानत, Covid-19 से हुई पिता की मौत

सीएए विरोधी और पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता नताशा नरवाल मई 2020 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन पर फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों में साजिश रचने का गंभीर आरोप है

फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सीएए और हिन्दू विरोधी दंगों में साजिश रचने के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद ‘पिंजरा तोड़’ की कार्यकर्ता नताशा नरवाल को दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (10 मई) को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें यह जमानत अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए दी गई है जिनकी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी।

एक दिन पहले ही नताशा के पिता महावीर नरवाल की मृत्यु कोरोना वायरस के चलते हो गई। महावीर नरवाल भारतीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के वरिष्ठ सदस्य थे। नताशा नरवाल के भाई आकाश भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, इसी कारण नताशा को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दी। हालाँकि दिल्ली पुलिस ने भी मानवीय आधार पर नताशा की जमानत याचिका का कोई विरोध नहीं किया।

आपको बता दें कि सीएए विरोधी और पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता नताशा नरवाल मई 2020 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन पर फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों में साजिश रचने का गंभीर आरोप है। नताशा पर UAPA के तहत मामला दर्ज हुआ था।

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिन्दू विरोधी हिंसा भड़क उठी थी। सीएए के विरोध में महीनों से जारी आंदोलन फरवरी 2020 में हिंसक हो गया था। तीन दिनों तक चली इस हिन्दू विरोधी हिंसा में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली की गलियों में हो रही इस हिंसा में इस्लामी भीड़ ने ऐसा क्रूर प्रदर्शन किया था, जो हाल के दिनों में नहीं देखने को मिला था।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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