Homeराजनीति'परिवार को ख़त्म करने की मिल रही धमकियाँ': नवीन जिंदल ने महाराष्ट्र पुलिस के...

‘परिवार को ख़त्म करने की मिल रही धमकियाँ’: नवीन जिंदल ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने पेश होने में जताई असमर्थता, माँगा 1 माह का समय

उन्होंने भिवंडी पुलिस को एक सुझाव दिया है कि अगर फिर भी महाराष्ट्र पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है तो पत्राचार के इसी माध्यम से वो अपना सवाल भेज दें और वो (जिंदल) अपना जबाव महाराष्ट्र पुलिस को भेज देंगे।

मुहम्मद पैगंबर पर कथित टिप्पणी के मामले में दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता नवीन जिंदल को महाराष्ट्र की भिवंडी पुलिस द्वारा जारी किए गए समन पर जबाव दिया है। जिंदल ने भिवंडी पुलिस के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए एक महीने का समय माँगा है।

जिंदल ने भिवंडी पुलिस को लिखे पत्र में कहा है कि पैगंबर विवाद शुरू होने के बाद से लगातार उन्हें और उनके परिवार को हत्या की धमकियाँ दी जा रही हैं। पत्र में जिंदल ने लिखा, “हालात को देखते हुए मैं अपने घर दिल्ली से महाराष्ट्र में आपके समक्ष पेश होने की स्थिति में नहीं हूँ। इसलिए मुझे एक महीने का समय दें।”

इसके साथ ही उन्होंने भिवंडी पुलिस को एक सुझाव दिया है कि अगर फिर भी महाराष्ट्र पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है तो पत्राचार के इसी माध्यम से वो अपना सवाल भेज दें और वो (जिंदल) अपना जबाव महाराष्ट्र पुलिस को भेज देंगे। जिंदल ने कहा है कि पुलिस के किसी भी तरीके की जाँच में सहयोग के लिए तैयार हैं।

महाराष्ट्र पुलिस को भाजपा के निलंबित नेता नवीन जिंदल का जवाब

क्या है पूरी मामला

गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता नवीन जिंदल को पैगंबर मुहम्मद पर उनकी टिप्पणी से संबंधित एक मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था। इसके मुताबिक, जिंदल को पुलिस ने 15 जून को सुबह 11:30 बजे महाराष्ट्र के भिवंडी पुलिस स्टेशन में पेश होने को कहा गया था। उन्हें पुलिस की ओर से कहा गया था कि इस अवधि में वो ऐसा कोई भी काम नहीं करें, जिससे जाँच में बाधा पैदा हो। साथ ही सबूतों को नष्ट नहीं करने और उससे छेड़छाड़ नहीं करने को भी कहा गया था।

उधर इसी मामले में नूपुर शर्मा ने भी भिवंडी पुलिस से पूछताछ के लिए पेश होने के लिए एक महीने की मोहलत माँगी है। उल्लेखनीय है कि नवीन जिंदल और नूपुर शर्मा दोनों के ही खिलाफ भिवंडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मादर***, रं## का बच्चा… क्या इस तरह की गाली देना अपराध है, हो सकती है सजा? जानिए- सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

मादर****, रं## का बच्चा... जैसी गाली देना अपराध माना जाएगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल को तमिलनाडु के एक मामले के संदर्भ में सुलझाया।

तेल दो, फौजी लो… सऊदी से समझौता बना गले की फाँस, पाकिस्तान अब कुवैत का बनना चाहता है ‘रक्षक’: खुद अपनी बर्बादी की स्क्रिप्ट...

पाकिस्तान अब सऊदी अरब के बाद कुवैत के साथ भी रक्षा समझौते की बातचीत कर रहा है, लेकिन ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यह डील उसे तीन मोर्चों पर एक साथ फँसा सकती है।
- विज्ञापन -