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अगस्ता-वेस्टलैंड करार: क्या फाइलों के बारे में बिचौलिए मिशेल को यूपीए के रक्षा मंत्री एके एंटनी से ज्यादा जानकारी थी?

क्रिश्चियन मिशेल ने इस हेलिकॉप्टर खरीद घोटाले के दौरान पूरी यूपीए कैबिनेट को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश की थी। उसे रक्षा मंत्रालय में फाइलों के हलचल की तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी से भी ज्यादा जानकारी थी

केंद्र में यूपीए के कार्यकाल के दौराल अगस्ता-वेस्टलैंड करार में हुए घोटाले से जुड़े मामले में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल के दुबई से प्रत्यर्पण होने के बाद नित नए खुलासे हो रहे हैं। अब ताजा ख़बरों के अनुसार ये दावा किया गया है कि बिचौलिए मिशेल ने इस हेलिकॉप्टर खरीद घोटाले के दौरान पूरी संप्रग कैबिनेट को अपने इशारों पर नचाने की कोशिश की थी। दरअसल सीबीआई ने एक महत्वपूर्ण फैक्स मैसेज का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है। ये वो फैक्स मैसेज है जिसे मिशेल द्वारा अगस्ता-वेस्टलैंड के इंटरनैशनल बिजनस के तत्कालीन वाइस प्रेसिडेंट जियाकोमो सैपोनारो को जनवरी 2010 में भेजा गया था।

इस फैक्स मैसेज में मिशेल के दावे चौंका देने वाले हैं। इसमें मिशेल ने जियाकोमो को कहा था कि वह तत्कालीन वित्त सचिव के दबाव से बाहर आ गया है। साथ ही उसने ये भी जोड़ा था कि उस समय के वित्त सचिव रशियन लॉबी की तरफ झुकाव रखते थे। इस फैक्स से ये साफ़ जाहिर हो जाता है कि मिशेल की उस समय के गृह और रक्षा मंत्रालय में काफी अच्छी पैठ थी और उसे ये भी जानकारी थी कि कौन सी फाइल कब, कहाँ और कैसे जाती है। सीबीआई ने तो यहाँ तक कहा है कि बिचौलिए मिशेल को फाइलों की और फाइलों के हलचल की तत्कालीन रक्षा मंत्री और कांग्रेस नेता एके एंटनी से भी ज्यादा जानकारी थी।

इस फैक्स में मिशेल ने कहा था;

“भारतीय वायुसेना को बेचे जाने 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर्स में यूएस और रूस की कंपनियों को पीछे छोड़ने के लिए यूपीए की पूरी कैबिनेट को अपने समर्थन में करना होगा।”

बता दें कि सीबीआई को ये फैक्स इटली से मिला है। नवभारत टाइम्स के सूत्रों के अनुसार बिचौलिए मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड के अपने आकाओं को यह बता रखा था कि उसने ‘बहुत ऊंची पहुंच’ के जरिए कई बाधाओं को पार करने के बाद यह डील कराई है। उसने बेहद आत्मविश्वास के साथ सैपोनारो को बताया था कि रूस और अमेरिका के दबाव के बावजूद कैबिनेट उनके समर्थन में कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दे देगी।

इसी फैक्स में मिशेल ने जियाकोमो को कहा था;

“मुझे आगे होने वाली सभी मीटिंगों और फैसलों की जानकारी थी और इस बारे में फाइनैंस मिनिस्ट्री की इस सौदे पर आपत्तियों को शुक्रवार को रक्षा मंत्री के पास भेज दिया जाएगा जो उसके बाद वित्त मंत्री से इस मामले को सुलझाने के लिए मिलेंगे।”

ज्ञात हो कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी ने 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर्स के मामले में अगस्टा वेस्टलैंड को सौदे की मंजूरी दे दी थी। फरवरी 2010 में यूपीए-2 सरकार के कार्यकाल दौरान प्रणब मुखर्जी के वित्तमंत्री रहते कैबिनेट कमिटी ने 12 हेलिकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरीदी थी। सीबीआई के अनुसार कि अगस्ता डील के दौरान मिशेल 25 बार भारत आया था। यह भी जानने वाली बात है कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता सँभालने से पहले तत्कालीन कांग्रेस नीट सरकार ने इस करार को रद्द कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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