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पोस्टरों से गायब किए गए तेजस्वी यादव, होर्डिंग्स में सिर्फ नीतीश ही नीतीश: बिहार में फिर होगा खेला? चिराग पासवान से मिले केंद्रीय मंत्री

ये मेला मंगलवार (18 जुलाई, 2023) से शुरू हो रहा है। पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स में सिर्फ नीतीश ही नीतीश हैं, तेजस्वी का कहीं कोई अता-पता नहीं है।

क्या बिहार की राजनीतिक फिजाँ एक बार फिर से बदलने वाली है? ये सवाल इसीलिए उठ रहे हैं, क्योंकि नालंदा के ऐतिहासिक शहर राजगीर में लगने वाले मलमास के मेले के पोस्टर से राज्य के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को ही गायब कर दिया गया है। पोस्टरों में सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही दिख रहे हैं, ऐसे में चर्चा स्वाभाविक है कि क्या महागठबंधन की दोनों बड़ी पार्टियों राजद और जदयू में एक बार फिर से सब ठीक नहीं चल रहा है? शनिवार (8 जुलाई, 2023) को खुद सीएम नीतीश ने तैयारियों का निरीक्षण किया।

ये मेला मंगलवार (18 जुलाई, 2023) से शुरू हो रहा है। पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स में सिर्फ नीतीश ही नीतीश हैं, तेजस्वी का कहीं कोई अता-पता नहीं है। इन पोस्टरों में बिहार सरकार के लोगो तो लगा ही है, साथ ही मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र भी किया गया है। राजद कोटे से शिक्षा मंत्री बने चंद्रशेखर यादव और ACS अधिकारी केके पाठक के बीच चल रहे तनाव को इस तनातनी की वजह बताया जा रहा है। सीएम नीतीश मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते दिखे।

उन्होंने इस दौरान ऐसी सख्त सुरक्षा व्यवस्था रखने को कहा कि कोई चाह कर भी किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर पाए। मेला परिसर में प्रशिक्षित पुलिस बलों को तैनात करने का निर्देश भी दिया गया। आवागमन की सुविधा के लिए राजगीर के हर रास्ते को दुरुस्त करने का निर्देश भी सीएम नीतीश ने दिया। मेले की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया है। बता दें कि नालंदा सीएम नीतीश कुमार का गृह जिला भी है। गेस्ट हाउस मैदान में टेंट सिटी का भी निर्माण हुआ है।

उधर बिहार में लोजपा (रामविलास) की भी एक बड़ी आंतरिक बैठक से पहले केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय चिराग पासवान से मिले। उन्होंने चिराग पासवान को मजबूत नेता बताते हुए कहा कि वो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो पहले भी NDA का हिस्सा रहे हैं और आगे भी रहेंगे। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि चिराग मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे। चिराग पासवान ने हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। अब देखना ये है कि बिहार में कौन सा ऊँट किस करवट बैठता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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