Monday, August 2, 2021
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लिट्टे ख़त्म हो गया तो गाँधी परिवार को खतरा कैसा, SPG सुरक्षा हटाना सही निर्णय: स्वामी

स्वामी ने कहा कि राजीव गाँधी की हत्या के बाद गाँधी परिवार को लिट्टे से ख़तरा था। अब लिट्टे ख़त्म हो गया है और इसलिए गाँधी परिवार को भी कोई ख़तरा नहीं है। बता दें कि मई 2009 में श्रीलंका ने प्रभाकरण को मार गिराया था। वह लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) का संस्थापक था।

राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने पर कॉन्ग्रेस नेताओं को करारा जवाब दिया है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने बुधवार को राज्यसभा में एक सुर में आलोचना करते हुए कहा कि सरकार राजनीतिक रंजिश के कारण गाँधी परिवार की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। इसके बाद भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ़ कर दिया है कि यह निर्णय किसी राजनेता का नहीं बल्कि गृह मंत्रालय का है और नियमानुसार ही हुआ है। नड्डा ने कहा कि किसी भी नेता के ‘थ्रेट परसेप्शन’ को देखते हुए मंत्रालय तय प्रोटोकॉल के तहत निर्णय लेता है।

स्वामी ने कहा कि राजीव गाँधी की हत्या के बाद गाँधी परिवार को लिट्टे से ख़तरा था। अब लिट्टे ख़त्म हो गया है और इसलिए गाँधी परिवार को भी कोई ख़तरा नहीं है। बता दें कि मई 2009 में श्रीलंका ने प्रभाकरण को मार गिराया था। वह लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) का संस्थापक था। तमिल कट्टरवादी संगठन लिट्टे ने ही राजीव गाँधी की हत्या की साज़िश रची थी। लिट्टे के ख़िलाफ़ लड़ाई में राजीव ने श्रीलंका सरकार की मदद की थी, जिससे वह ख़फ़ा था। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि लिट्टे के खात्मे के बाद गाँधी परिवार को एसपीजी सिक्योरिटी की कोई ज़रूरत नहीं है।

बता दें कि गाँधी परिवार ने राजीव गाँधी के हत्यारों की सज़ा कम करने की माँग की थी। स्वामी ने जब इस मामले को सदन में उठाया तो हँगामा मच गया। कॉन्ग्रेस नेताओं ने स्वामी के इस बयान की आलोचना करते हुए शोर-शराबा किया। राजीव गाँधी के दोनों हत्यारे पेरारिवलन और नलिनी जेल में बंद हैं। प्रियंका गाँधी और सोनिया गाँधी अक्सर उनकी सज़ा कम करने की बात कहते हैं। कई लोगों का ये भी कहना है कि उस आत्मघाती हमले में कई और लोग भी मारे गए थे और उन सबकी तरफ़ से हत्यारों को क्षमादान देने का गाँधी परिवार को कोई अधिकार नहीं है।

स्वामी के बयान के बाद राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी कहा कि वो राजीव गाँधी के हत्यारों की सज़ा कम किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये एसपीजी सुरक्षा कवर हटाने से अलग मुद्दा है, लेकिन वे भी नहीं चाहते हैं कि नलिनी और पेरारिवलन की सज़ा कम की जाए। वहीं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आनंद शर्मा ने कहा कि सुरक्षा के मामलों में राजनीति से हैट कर काम किया जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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