मंत्री ने खुद को बताया एक समुदाय का ‘देवता’ और CM को कहा ‘भगवान जगन्नाथ’

मरांडी ने बैठक के दौरान कहा कि लोगों को पदयात्रा करने से पहेल उनसे मिलना चाहिए। बंगीरीपोसी विधायक का कहना था कि उन्हें यहाँ का नेता चुना गया है इसलिए सबसे पहले लोगों को उनसे मिलना चाहिए।

ओडिशा के राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री सुदाम मरांडी ने शुक्रवार (जून 21, 2109) को एक बड़ा ही अटपटा बयान दिया है। अपने बयान में उन्होंने खुद को भगवान बताया है और ओडिशा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तुलना भगवान जगन्नाथ से की है। सुदाम के इस बयान के बाद उनकी हर जगह आलोचना हो रही है।

मरांडी ने यह बयान हरिबलदेव मंदिर में दिया। यहाँ उन्होंने खुद को बथूडी समुदाय के देवता बादम बताया और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को भगवान जगन्नाथ की उपाधि दी। गौरतलब है मरांडी ने बुधवार (जून 19, 2019) को हुई एक बैठक के दौरान उन लोगों को लेकर बयान दिया है जो राज्य सरकार से अपनी 8 माँगे मनवाने के लिए बरीपाड़ा से नवीन निवास तक पदयात्रा करने जा रहे थे जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया।

मरांडी ने बैठक के दौरान कहा कि लोगों को पदयात्रा करने से पहेल उनसे मिलना चाहिए। बंगीरीपोसी विधायक का कहना था कि उन्हें यहाँ का नेता चुना गया है इसलिए सबसे पहले लोगों को उनसे मिलना चाहिए। अगर उनके पास लोगों की समस्या का समाधान नहीं होता तब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए।

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मरांडी के इन बयानों के बाद ओडिशा की जनता ने उनका जमकर विरोध किया है। हरिबलदेव मंदिर के पुजारी अरुण मिश्रा और कामेश्वर त्रिपाठी ने कहा है कि उन्हें इसकी सजा भगवान जगन्नाथ देंगे।

टाइम्स नॉउ की खबर के अनुसार सुदाम के इन बयानों के मद्देनजर विधायक सोरेन ने मरांडी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मंत्री जी को घमंड हो गया है। ये सही नहीं है। एक व्यक्ति कभी भी भगवान नहीं हो सकता है। यहाँ के लोग काफी गरीब हैं, उन्हें मूलभूत चिकित्सकीय सुविधाएँ भी नहीं मिल रही है। ऐसे में एक मंत्री विधायक कैसे खुद को भगवान बता सकता है। उन्हें पता नहीं किस बात का घमंड है।”

इसके अलावा भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्ण चंद्र मोहापात्रा ने भी मरांडी के बयानों को शर्मनाक बताया है और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता कलिंगा केसरी ने तो बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि वे मंत्री पद पर रहने के योग्य नहीं हैं।

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