Tuesday, October 19, 2021
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2019 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगे: ‘जन की बात’ का सर्वेक्षण

सर्वेक्षण में 2 महीने की अवधि में सीट-दर-सीट और राज्य-दर-राज्य विश्लेषण के आधार पर 5 लाख मतदाताओं का नमूना लिया गया है। यह भी अनुमान लगाया गया है कि कॉन्ग्रेस 2014 में हासिल की गई 44 सीटों से कुछ आगे है। दूसरी ओर, यूपीए 117-126 सीटें जीत सकती है।

इस सर्वेक्षण में, पूरे देश के 5 लाख लोगों को शामिल किया गया है। इसमें NDA को 304-316 सीटों और भाजपा को 248-260 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की भविष्यवाणी मतदान एजेंसी ने की।

‘जन ​​की बात’ के संस्थापक और मुख्य संपादक, प्रदीप भंडारी ने  OpIndia.com से बात करते हुए कहा, “इस सर्वेक्षण से सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नरेंद्र मोदी 2019 में प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगे और उन्हें यह दूसरा अवसर मिलना तय है। सर्वेक्षण में 2 महीने की अवधि में सीट-दर-सीट और राज्य-दर-राज्य विश्लेषण के आधार पर 5 लाख मतदाताओं का नमूना लिया गया है।”

सर्वेक्षण में यह भी अनुमान लगाया गया है कि कॉन्ग्रेस 2014 में हासिल की गई 44 सीटों से कुछ आगे है। दूसरी ओर, यूपीए 117-126 सीटें जीत सकती है। सीटों की संख्या में असमानता के अनुरूप, NDA के पास वोट-शेयर क़रीब  50% के होने की संभावना है, जबकि UPA का वोट-शेयर केवल 39% तक ही जा सकता है।

मध्य प्रदेश में, एनडीए को 22-25 सीटें जीतने की संभावना है, जबकि यूपीए को 4-7 सीट से ही गुजारा चलाना पड़ सकता है। बिहार में, बीजेपी के 28-33 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि बाकी यूपीए के खाते में जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश, भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है, पार्टी संभवतः उन सीटों को खो सकती है जो उसने पिछले साल जीती थी। हालाँकि, अभी भी 40 से अधिक सीटे जीतने की उम्मीद है। एसपी-बीएसपी गठबंधन 25-33 सीटों के बीच कुछ सीटें जीत सकते हैं।

बीजेपी उत्तर प्रदेश की सीटों के नुकसान की भरपाई ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बड़ी बढ़त बनाकर करेगी। ओडिशा में, नवीन पटनायक को काफी नुकसान होने की उम्मीद है, क्योंकि भाजपा राज्य में प्रवेश कर रही है। भाजपा को 8-12 सीटें जीतने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में, भाजपा को कम से कम 11 सीटें जीतने की उम्मीद है।

तमिलनाडु से एक बड़ा आश्चर्य सामने आया जहाँ यूपीए की उम्मीद थी कि राज्य की सभी सीटों पर कब्जा करेगी। हालाँकि, जन की बात के अनुसार, दो गठबंधन अब एक भयंकर युद्ध में तब्दील हो गए हैं और वर्तमान में यह एनडीए के लिए अच्छा संकेत है जिससे सीटों की बढ़त में कामयाबी मिल सकती है।

भंडारी ने आगे कहा, “कर्नाटक में, कॉन्ग्रेस-जेडी (S) गठबंधन के बावजूद, भाजपा अधिकतम सीटों के साथ उभरेगी, जिसमें 2-3 सीटें बढ़ सकती हैं। वजह यह है कि कॉन्ग्रेस और जेडी (S) एक-दूसरे के वोटों को काटने का काम कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस और जेडी (S) के कैडर आपस में लड़ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा, “कांग्रेस केवल 3 राज्यों: पंजाब, केरल और छत्तीसगढ़ में लाभ प्राप्त कर रही है। अन्य कोई राज्य नहीं हैं, जहाँ कॉन्ग्रेस की कोई बढ़त दिख रही हो। कॉन्ग्रेस अपने दम पर 100 सीटें नहीं पा सकती, यह सच नहीं है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में, भाजपा बहुमत प्राप्त करने के लिए तैयार है। महाराष्ट्र में, शिवसेना-भाजपा गठबंधन 35 से अधिक सीट जीतने के लिए तैयार है।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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