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छत्तीसगढ़ में गरजे PM मोदी, पूछा ‘जब कुछ ग़लत किया नहीं तो CBI से डर कैसा?’

चौकीदार चौकस है, कॉन्ग्रेस के हर राज़ को बाहर निकालने में जुटा है। देश विदेश से इनके राज़दारों को, इनके दलाल मामाओं और चाचाओं को भारत लाया जा रहा है और जाँच एजेंसियों के हवाले किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। बता दें कि मोदी अगले 5 दिनों में 10 राज्यों का दौरा करने वाले हैं। इसी क्रम में वो आज छत्तीसगढ़ पहुँचे। छत्तीसगढ़ की नई कॉन्ग्रेस सरकार से निराशा जताते हुए पीएम ने कहा कि राज्य में नई सरकार बनी तो मैंने बधाई दी और सोचा कि कुछ नया करेंगे लेकिन जो पहले बेहतर हो रहा था उसे भी ठप्प करने में लगे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाने में हमारे आदिवासी बहन-भाइयों का बहुत बड़ा योगदान है। आज़ादी में अनेक आदिवासी नायकों ने बलिदान दिए हैं। ऐसे नायकों से देश को प्रेरणा मिलती रहे इसके लिए देशभर में स्मारक स्थलों का निर्माण हो रहा है नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए उनके दो ताज़ा निर्णयों की चर्चा करते हुए कहा:

  • यहाँ की सरकार ने पहला काम किया आयुष्मान भारत योजना से छत्तीसगढ़ को हटाने का फ़ैसला लिया।
  • दूसरा फ़ैसला किया सीबीआई को इस राज्य में आने नहीं देंगे।

पीएम मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ में कही गई बातों के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं:

  • किसी ग़रीब को ₹5 लाख की सहायता मिले तो उससे कॉन्ग्रेस को क्या दिक्कत है? रायपुर से लेकर दिल्ली तक कॉन्ग्रेस की सल्तनत दलालों और बिचौलियों के मज़बूत तंत्र से फली-फूली है।
  • जय और पराजय जीवन का हिस्सा होता है। विधानसभा के इन चुनावों के बाद छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के विकास के लिए हमारा संकल्प और अधिक मज़बूत हुआ है। चुनाव आते जाते रहते हैं, सरकारे आती जाती रहती हैं लेकिन सामान्य लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का संकल्प अटल रहता है
  • अटल जी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ बनाया उनके प्रति यहाँ के लोगों की श्रद्धा अप्रतिम है।
  • कांग्रेस ने 55 साल ग़रीबों के नाम पर देश को गुमराह किया, ग़रीबों को बर्बाद किया, उनके सपनों को कभी अंकुरित तक नहीं होने दिया। हमने 55 महीने में ग़रीबों में जोश भरा है। उनके आगे निकलने के रास्ते खोजे हैं, इसलिए ग़रीब आज ग़रीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने के लिए अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है।
  • घोटाले-घपलों की इसी नीति और नियत का ही परिणाम है कि यहाँ की सरकार ने सीबीआई की जाँच में भी अड़ंगा लगाने का फ़ैसला लिया।
  • अगर किसी ने कुछ किया नहीं है तो वो क्या किसी जाँच से डरेगा? क्या कोई भी एजेंसी बिना किसी कारण से पूछताछ कर सकती है? अगर राज्यों में देश के ईमानदार करदाताओं के पैसे से भ्रष्टाचार होता है, तो सीबीआई को कार्रवाई करने का अधिकार है या नहीं?
  • कॉन्ग्रेस के नामदार परिवार के क़रीब-क़रीब हर सदस्य के विरुद्ध अदालतों में गंभीर मामले चल रहे हैं। क्या मामले चल रहे हैं? टैक्स चोरी के, ज़मीन और प्रॉपर्टी में घोटाले के। हालत ये है कि परिवार के ज़्यादातर सदस्य जमानत पर पर बाहर हैं
  • क़ानून से बचने की इनकी कोशिशों के बीच चौकीदार चौकस है, इनके हर राज़ को बाहर निकालने में जुटा है। देश विदेश से इनके राज़दारों को, इनके दलाल मामाओं और चाचाओं को भारत लाया जा रहा है और जाँच एजेंसियों के हवाले किया जा रहा है।
  • ये कितनी भी महा-मिलावट कर लें, चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं है। मैं उनमें से नहीं हूँ जो अपनी किताब खुलने के डर से देश के शक्तिशाली सुल्तानों पर हाथ डालने से बचते थे।
  • क़र्ज़माफ़ी के नाम पर बिचौलियों का पेट भरने का काम करने वाली कॉन्ग्रेस के यही तौर-तरीक़े हैं। ये 10 वर्ष बाद क़र्ज़माफ़ी की योजना लेकर आते हैं। पहले 2009 का चुनाव जीतने के लिए लाए थे, अब 2019 में लेकर आए हैं।
  • अगर बहुत ईमानदारी से क़र्ज़माफ़ी की जाए, तो भी देश में 100 में से 25-30 किसानों को ही इसका लाभ मिल पाता है। बाक़ी के किसान, क्या खेती नहीं करते, क्योंकि वो और ज़्यादा ग़रीब हैं, इसलिए क्या उन्हें छोड़ दिया जाना चाहिए? जी नहीं, ये भेदभाव का रास्ता मोदी को मंज़ूर नहीं।
  • हमारी सरकार ग़रीब की सरकार है, ग़रीब के दर्द, उसकी तकलीफ़ को समझने वाली सरकार है। बीते साढ़े चार साल में हमने लगातार कोशिश की है कि ग़रीब की ज़िदगी आसान बने। सरकार के इन्हीं प्रयासों का असर है कि देश में ग़रीबी कम होना शुरू हुई है।
  • इस साल के बजट में प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की घोषणा की गई है मेरे मज़दूर भाई-बहनों के लिए, श्रमिक परिवारों के लिए, जो घरों में काम करते हैं, सड़कों या घरों के निर्माण में जुटे हैं, मिट्टी या लेबर का काम करते हैं, रिक्शा चलाते हैं, ठेला चलाते हैं, ऐसे करोड़ों बहन-भाइयों के लिए देश के इतिहास में पहली बार कोई योजना बनी है।
  • जिन ईमानदार करदाताओं के पैसे से ये सुविधाएँ संभव हो पाती हैं, उनके लिए भी केंद्र सरकार ने पहली बार बहुत बड़ा क़दम उठाया है। ₹5 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स से बाहर कर दिया गया है। इससे सीधे-सीधे करीब 3 करोड़ करदाताओं को लाभ होगा।
  • अब कुछ शक्तियाँ मज़बूत सरकार बनाने के लिए जुट रही हैं, ताकि उनका लूट-खसूट का कोराबार फल-फूल सके। इस साज़िश के प्रति, इस महा-मिलावट के प्रति आप सभी को जागरूक रहना है।
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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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