Wednesday, September 22, 2021
Homeराजनीतिकाशी विश्वनाथ धाम, 'घर की लक्ष्मी', स्थानीय खरीदारी पर जोर सहित PM मोदी ने...

काशी विश्वनाथ धाम, ‘घर की लक्ष्मी’, स्थानीय खरीदारी पर जोर सहित PM मोदी ने दीवाली से पहले दिया यह सन्देश

"आप इन ऐतिहासिक गलियों के गवाह हैं, इनकी अपनी ख़ूबसूरती है और महत्व भी। बेशक यह काशी की यह गलियाँ शहर का अभिमान हैं मगर आपको यह भी देखना होगा कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।"

दीपावली के उपलक्ष्य पर वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने उनसे कई विषयों पर चर्चा की, इसी के साथ मोदी ने उनसे भारत की लक्ष्मी के आह्वान की भी बात कही। पीएम ने अपनी बात रखते हुए बड़ी ही सहजता के साथ कहा कि हम सबको अपने आसपास रहने वाली बालिका को ज़रूर सम्मानित करना चाहिए। पीएम की इस अनोखी पहल को सुनने वालों ने भी इस बात को स्वीकार किया। पीएम मोदी ने दिवंगत कार्यकर्ता कामेश्वर नारायण सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामना देने के साथ ही कई मुद्दों पर बातचीत की। मोदी ने अपने संवाद के दौरान कार्यकर्ताओं की दुविधाओं का भी निराकरण किया। इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम पर एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने बताया कि सब भोलेनाथ की ही कृपा है। उन्होंने कहा कि, “बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से, काशीवासियों से जो संकल्प लिया उससे न सिर्फ भक्तों को आसानी होगी बल्कि अध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होगा।”

उन्होंने आगे बताया कि “आप इन ऐतिहासिक गलियों के गवाह हैं, इनकी अपनी ख़ूबसूरती है और महत्व भी। बेशक यह काशी की यह गलियाँ शहर का अभिमान हैं मगर आपको यह भी देखना होगा कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन तमाम परिवारों के प्रति विशेष आभार प्रकट किया जिन्होंने स्वेच्छा से अपना घर सरकार को बेच दिया ताकि सरकार की योजना में उनकी ओर से किसी तरह का कोई विघ्न सामने न आए। पीएम मोदी ने कहा कि, “मंदिर केवल पूजा करने का स्थान भर नहीं है, ये हमारी आस्था और समर्पण का केंद्र हैं। मंदिर चाहे काशी-विश्वनाथ का हो या फिर कोई अन्य मंदिर, वहाँ जाने वाले व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। “

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से दीपवाली पर स्थानीय कारीगरों की बनाई वस्तुओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि, “प्रयत्न कीजिए कि हम 2022 तक स्थानीय कारीगरों की बनाई वस्तुओं और छोटे कारीगरों से सामान खरीदने की आदत डाल लें। हम निश्चय कर लें कि अगर कोई सामान हमारे गाँव में बनता है तो हम वह बाहर से नहीं खरीदेंगे। अगर गाँव नहीं तो अपने ब्लॉक, जिला या राज्य तक प्रयास करेंगे। मगर प्राथमिकता अपने आसपास के कारीगरों के बनाए सामान को देंगे।” उन्होंने अपने संबोधन में ‘भारत की लक्ष्मी’ की भी बात कही, उनके मुताबिक़ इसके ज़रिए सब लोग अपने आसपास की बेटियों को सम्मानित करें ताकि भारत की बेटियों को सम्मान दिया जाए।

पीएम ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वे सरकार की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें जिससे देश में अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी सन्देश दिया कि लोग इस दिवाली सब लोग ऐसी पहल करें कि कुछ भी बर्बाद न हो। किसी चीज़ को बर्बाद करने से अच्छा है कि वह हम किसी ज़रुरतमंद को दें।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जो कौम अपने इतिहास व परंपराओं को भूला देती है, वह अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर पाती’: दादरी में CM योगी

सीएम ने कहा, "राजा मिहिर भोज नौंवी सदी के एक महान धर्मरक्षक थे। जो कौम अपने इतिहास व परंपराओं को विस्मृत कर देती है, वह अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर पाती।''

‘साड़ी स्मार्ट ड्रेस नहीं’- दिल्ली के अकीला रेस्टोरेंट ने महिला को रोका: ‘ओछी मानसिकता’ पर भड़के लोग, वीडियो वायरल

अकीला रेस्टोरेंट के स्टाफ ने महिला से कहा कि चूँकि साड़ी स्मार्ट आउटफिट नहीं है इसलिए वो उसे पहनने वाले लोगों को अंदर आने की अनुमति नहीं देते।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,748FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe