Thursday, July 25, 2024
Homeराजनीतिकाशी विश्वनाथ धाम, 'घर की लक्ष्मी', स्थानीय खरीदारी पर जोर सहित PM मोदी ने...

काशी विश्वनाथ धाम, ‘घर की लक्ष्मी’, स्थानीय खरीदारी पर जोर सहित PM मोदी ने दीवाली से पहले दिया यह सन्देश

"आप इन ऐतिहासिक गलियों के गवाह हैं, इनकी अपनी ख़ूबसूरती है और महत्व भी। बेशक यह काशी की यह गलियाँ शहर का अभिमान हैं मगर आपको यह भी देखना होगा कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।"

दीपावली के उपलक्ष्य पर वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने उनसे कई विषयों पर चर्चा की, इसी के साथ मोदी ने उनसे भारत की लक्ष्मी के आह्वान की भी बात कही। पीएम ने अपनी बात रखते हुए बड़ी ही सहजता के साथ कहा कि हम सबको अपने आसपास रहने वाली बालिका को ज़रूर सम्मानित करना चाहिए। पीएम की इस अनोखी पहल को सुनने वालों ने भी इस बात को स्वीकार किया। पीएम मोदी ने दिवंगत कार्यकर्ता कामेश्वर नारायण सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामना देने के साथ ही कई मुद्दों पर बातचीत की। मोदी ने अपने संवाद के दौरान कार्यकर्ताओं की दुविधाओं का भी निराकरण किया। इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम पर एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने बताया कि सब भोलेनाथ की ही कृपा है। उन्होंने कहा कि, “बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से, काशीवासियों से जो संकल्प लिया उससे न सिर्फ भक्तों को आसानी होगी बल्कि अध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होगा।”

उन्होंने आगे बताया कि “आप इन ऐतिहासिक गलियों के गवाह हैं, इनकी अपनी ख़ूबसूरती है और महत्व भी। बेशक यह काशी की यह गलियाँ शहर का अभिमान हैं मगर आपको यह भी देखना होगा कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन तमाम परिवारों के प्रति विशेष आभार प्रकट किया जिन्होंने स्वेच्छा से अपना घर सरकार को बेच दिया ताकि सरकार की योजना में उनकी ओर से किसी तरह का कोई विघ्न सामने न आए। पीएम मोदी ने कहा कि, “मंदिर केवल पूजा करने का स्थान भर नहीं है, ये हमारी आस्था और समर्पण का केंद्र हैं। मंदिर चाहे काशी-विश्वनाथ का हो या फिर कोई अन्य मंदिर, वहाँ जाने वाले व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। “

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से दीपवाली पर स्थानीय कारीगरों की बनाई वस्तुओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि, “प्रयत्न कीजिए कि हम 2022 तक स्थानीय कारीगरों की बनाई वस्तुओं और छोटे कारीगरों से सामान खरीदने की आदत डाल लें। हम निश्चय कर लें कि अगर कोई सामान हमारे गाँव में बनता है तो हम वह बाहर से नहीं खरीदेंगे। अगर गाँव नहीं तो अपने ब्लॉक, जिला या राज्य तक प्रयास करेंगे। मगर प्राथमिकता अपने आसपास के कारीगरों के बनाए सामान को देंगे।” उन्होंने अपने संबोधन में ‘भारत की लक्ष्मी’ की भी बात कही, उनके मुताबिक़ इसके ज़रिए सब लोग अपने आसपास की बेटियों को सम्मानित करें ताकि भारत की बेटियों को सम्मान दिया जाए।

पीएम ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वे सरकार की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें जिससे देश में अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी सन्देश दिया कि लोग इस दिवाली सब लोग ऐसी पहल करें कि कुछ भी बर्बाद न हो। किसी चीज़ को बर्बाद करने से अच्छा है कि वह हम किसी ज़रुरतमंद को दें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तुमलोग वापस भारत भागो’: कनाडा में अब सांसद को ही धमकी दे रहा खालिस्तानी पन्नू, हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में नेम-प्लेट लगाने वाले आदेश के समर्थन में काँवड़िए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बोले – ‘हमारा तो धर्म भ्रष्ट हो गया...

एक कावँड़िए ने कहा कि अगर नेम-प्लेट होता तो कम से कम ये तो साफ हो जाता कि जो भोजन वो कर रहे हैं, वो शाका हारी है या माँसाहारी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -