राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले 49 बच्चों से पीएम मोदी ने की मुलाक़ात, कहा- आपके साहसी कार्यों से प्रेरणा मिलती है

“हमारे देश में बच्चे जो अच्छे काम करते हैं, उन अच्छे कामों की तरंगे नीचे तक जाती हैं। सिर्फ नेशनल अवॉर्ड मिलना और फोटो छपना ही सब कुछ नहीं है। ज़िंदगी बहुत बड़ी है। इसलिए असल में जमीन पर पैर रखना ही सब कुछ है।"

गणतंत्र दिवस से पूर्व राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले देश के 49 बच्चों से शुक्रवार को पीएम मोदी ने मुलाक़ात की। इस दौरान प्रधानमत्री मोदी ने कहा कि आप लाखों करोड़ों बच्चों के लिए प्रेरणादायी हैं, लेकिन नेशनल अवार्ड हासिल कर लेना और फ़िर फ़ोटो खिंचाना ही सब कुछ नहीं हो सकता। इससे भी आगे ज़िंदगी बहुत लंबी है।

शुक्रवार दोपहर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाल पुरस्कार पाने वाले सभी 49 बच्चों से दिल्ली में मुलाक़ात की। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि आप सभी बच्चे दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। मोदी ने कहा, “हमारे देश में बच्चे जो अच्छे काम करते हैं, उन अच्छे कामों की तरंगे नीचे तक जाती हैं। सिर्फ नेशनल अवॉर्ड मिलना और फोटो छपना ही सब कुछ नहीं है। ज़िंदगी बहुत बड़ी है। इसलिए असल में जमीन पर पैर रखना ही सब कुछ है।”

पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत करते ही अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और कहा कि, थोड़ी देर पहले आप सभी का जब परिचय जब हो रहा था, तो मैं सच आपके बारे में जानकर हैरान था। इतनी कम आयु में जिस प्रकार आप सभी ने अलग-अलग क्षेत्रों में जो प्रयास और जो काम किया हैं, उसको करना तो दूर सोचने में भी लोगों के पसीने छूट जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वो सभी की वीरता की कहानी को दुनियाँ को बताएँगे और सोशल मीडिया पर आपकी तस्वीरें भी साझा करेंगे, क्योंकि बच्चों के साहसी कार्यों को देखकर मुझे भी प्रेरणा मिलती है।

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने इस दौरान मौजूद बच्चों को उनकी जिम्मदोरी का अहसास कराते हुए कहा कि आज देश की आज़ादी को पूरे 75 साल होने को हैं और हम आज भी अपने कर्तव्यों को भूलकर अपने अधिकारों की बात अधिक करते हैं। मैं चाहता हूँ कि आप अपने अंदर दूसरी तरह की आदतों को न आने दें और अधिकारों से अधिक अपने कर्तव्यों की ओर ध्यान दें।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 की घोषणा 21 जनवरी की शाम को हुई थी। इसके लिए 12 राज्यों के 22 बच्चों का चयन किया गया था। इनमें 12 लड़के और 10 लड़कियाँ शामिल हैं। एक बच्चे को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं केरल के 15 वर्षीय आदित्य कुमार को परिषद की ओर से भारत अवॉर्ड दिया जाएगा। दरअसल आदित्य ने बस में सफर के दौरान 40 लोगों की जान बचाई थी। इन सभी बच्चों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

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