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गाजीपुर बॉर्डर पर एक्शन में UP पुलिस, किया फ्लैग मार्च: ‘किसानों’ पर कभी भी हो सकती है कार्रवाई!

गाजीपुर बॉर्डर के पास 'किसानों' के आंदोलन के मद्देनजर भारी पुलिसबल तैनात। पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी की करीब दस कंपनियाँ तैनात हैं।

गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच वहाँ भारी सुरक्षा बल की तैनाती हो गई है। खबर है दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर बॉर्डर में यूपी पुलिस और केंद्रीय बलों ने फ्लैग मार्च किया है। न्यूज 24 पत्रकार प्रभाकर कुमार मिश्रा ने प्रदर्शनस्थल से वीडियो जारी करके इसकी जानकारी दी।

उन्होंने दिखाया कि कैसे बॉर्डर पर फ्लैग मार्च हो रहा है। इसमें वह सारी गतिविधियों को देख कर कहते नजर आ रहे हैं कि संदेश साफ है कि कभी भी किसानों पर कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर के पास किसानों के आंदोलन के मद्देनजर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी को करीब दस कंपनियाँ तैनात हैं। गाजियाबाद पुलिस के भी बड़े अफसर यहाँ पर तैनात हैं।

इससे पहले गणतंत्र दिवस पर घटी घटना के बाद यूपी के बागपत में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 दिन से चल रहे धरने को रातोंरात हटवा दिया था। वहाँ भी पुलिस फोर्स की तैनाती हुई थी। अब गाजीपुर में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों का दल यहाँ धरने पर बैठा है।

ट्विटर पर सक्रिय अकॉउंट्स से दावा किया जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसी भी समय यूपी पुलिस अपनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। वहाँ यूपी परिवहन की बसें मँगा ली गई हैं और पुलिस के वाहन भी मौके पर मौजूद हैं।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने लिखा है, “शाहीनबाग, घंटाघर, हाथरस में एजेंडे के लिए बेनकाब नक्सली फिर UP में झूठ फैलाने बढे़ हैं। ये वही हैं, जिनकी ज़ुबान से लाल किले पर एक शब्द ना फूटे। UP Police के प्रयास से धरने शांतिपूर्वक खत्म हुए। UP प्रभु राम की झाँकी को पहला स्थान मिलने की खुशी में डूबा है। यहाँ दिलजलों की दाल नहीं गलेगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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