Homeराजनीति'मेरी हत्या करवाना चाहता है कॉन्ग्रेस का एक बड़ा नेता, अयोध्या कूच की करें...

‘मेरी हत्या करवाना चाहता है कॉन्ग्रेस का एक बड़ा नेता, अयोध्या कूच की करें तैयारी’

"सुन्नी वक्फ बोर्ड एक तरफ तो कहता है कि उसके पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है। दूसरी ओर, अयोध्या मामले में पैरवी के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में महॅंगे वकील खड़े किए। पाकिस्तान की आर्थिक मदद के बिना यह मुमकिन नहीं है।"

रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य और पूर्व सांसद राम विलास वेदांती का कहना है कि कॉन्ग्रेस के एक बड़े नेता उनकी हत्या करवाना चाहते हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड को पाकिस्तान से आर्थिक मिलने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जताते हुए लोगों से अयोध्या कूच की तैयारी करने की अपील की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को कानपुर में पत्रकारों से बात करते हुए वेदांती ने कहा कि यदि उनके साथ कुछ बुरा होता है तो कॉन्ग्रेस नेता उसके लिए जिम्मेदार होगा। साथ ही कॉन्ग्रेस और पाकिस्तान पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की राह में रोड़े अटकाने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा, “राम मंदिर के निर्माण में देरी के लिए कॉन्ग्रेस और पाकिस्तान जिम्मेदार हैं। वे नहीं चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट में यह मसला सुलझे।” कॉन्ग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि यही कारण है कि 2014 में जनता ने उसे सत्ता से बेदखल कर दिया। पूर्व सांसद ने कहा, “सुन्नी वक्फ बोर्ड एक तरफ तो कहता है कि उसके पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है। दूसरी ओर, अयोध्या मामले में पैरवी के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में महॅंगे वकील खड़े किए। पाकिस्तान की आर्थिक मदद के बिना यह मुमकिन नहीं है।”

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वेदांती ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी रामलला के पक्ष में ही आएगा और बहुत जल्द ही मंदिर का निर्माण शुरू होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण को लेकर सभी तैयारियॉं हो चुकी हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सांप्रदायिक सद्भाव का ख्याल रखते की अपील भी की। उन्होंने कहा कि उत्तेजक नारे नहीं लगाए जाने चाहिए क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए परेशानी पैदा हो सकती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -