Thursday, February 25, 2021
Home राजनीति बॉस के ‘ख़ौफ़’ से आज़ादी: मोदी सरकार ने पास किया 'राइट टू डिस्कनेक्ट बिल...

बॉस के ‘ख़ौफ़’ से आज़ादी: मोदी सरकार ने पास किया ‘राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2018’

इस बिल के क़ानून बनने के बाद कर्मचारियों को काम के घंटों से परे कार्य संबंधी कॉल को डिस्कनेक्ट करने या ईमेल का ज़वाब नहीं देने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा

निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत की एक बड़ी ख़बर सामने आई है। इसका सीधा संबंध कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से ‘अच्छे दिन’ का एहसास कराएगा। मोदी सरकार ने लोकसभा में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक ऐसा बिल पास किया है, जिसके मुताबिक़ कार्यालय समय के बाद अब अपने बॉस के फ़ोन कॉल और ईमेल का जवाब देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी ख़बर है। लोकसभा ने ऑफ़िस टाइम के बाद कार्य संबंधी कॉल या ईमेल को डिस्कनेक्ट करने का बिल पास कर दिया गया।

लोकसभा में ‘राइट टू डिसकनेक्ट बिल 2018’ को एनसीपी (राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी) सांसद सुप्रिया सुले द्वारा पेश किया गया। इस बिल के क़ानून बनने के बाद कर्मचारियों को काम के घंटों से परे कार्य संबंधी कॉल को डिस्कनेक्ट करने या ईमेल का ज़वाब नहीं देने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा। यहाँ तक कि छुट्टियों पर भी, कर्मचारियों को फ़ोन कॉल का जवाब देने की किसी भी प्रकार की बाध्यता नहीं रहेगी।

सुप्रिया सुले ने कहा है कि इस बिल के माध्यम से कोई भी कंपनी किसी भी कर्मचारी पर अतिरिक्त कार्यभार नहीं थोप सकेगी। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इस क़ानून के बाद कर्मचारियों के तनाव में कमी आएगी, जिससे उनके व्यक्तिगत जीवन में बेहतर स्थिरता आएगी।

हालाँकि, यह बिल अभी लोकसभा से पास हुआ है और क़ानून बनने की राह में अभी राज्यसभा की मंज़ूरी मिलनी बाक़ी है।

आइए आपको यह भी बताते चलें कि इस बिल के तहत किन-किन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न पैदा हो सके। इस बिल की धारा-7 के अनुसार कुछ ऐसे तथ्य भी शामिल हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

काम के घंटों के बाद यदि कोई कर्मचारी (महिला/ पुरुष) चाहे तो बॉस के कॉल को डिस्कनेक्ट कर सकता/ सकती है। हालाँकि बॉस के अलावा सहयोगी कर्मचारी अन्य कर्मचारी से समपर्क कर सकता है।

काम के घंटों के दौरान यानि ऑफ़िस टाइम में ऑफ़िशियल कॉल डिस्कनेक्ट और ईमेल का जवाब न देने जैसी गतिविधियाँ इस बिल का हिस्सा नहीं होंगी। जिसका सीधा सा मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी इस प्रकार की अनुशासनहीनता का आचरण करता है, तो वो कर्मचारी निजी कंपनी द्वारा तय नियमों के अनुसार दंड का अधिकारी होगा।

इस विधेयक के तहत, एक कल्याण प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होंगे। संचार मंत्रालय के साथ-साथ श्रम व रोजगार मंत्रालय के राज्य मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे।

साथ ही, इस बिल के तहत एक चार्टर भी तैयार किया जाएगा। इस चार्टर के तहत, जिन कंपनियों के पास 10 से अधिक कर्मचारी हैं, उन्हें अपने कर्मचारियों से बात करनी होगी और इसमें शामिल करना होगा कि वे चार्टर में क्या चाहते हैं, उसके बाद ही रिपोर्ट बनाई जाएगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

RSS कार्यकर्ता नंदू की हत्या के लिए SDPI ने हिन्दूवादी संगठन को ही बताया जिम्मेदार: 8 गुंडे पुलिस हिरासत में, BJP ने किया बंद...

BJP ने RSS कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में अलप्पुझा जिले में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ‘हड़ताल’ का आह्वान किया है। 8 SDPI कार्यकर्ता हिरासत में हैं।

दिल्ली दंगों का 1 साल: मस्जिदों को राशन, पीड़ित हिन्दुओं को लंबी कतारें, प्रत्यक्षदर्शी ने किया खालसा व केजरीवाल सरकार की करतूत का खुलासा

ऑपइंडिया ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के स्थानीय लोगों से बात की, जिन्होंने दंगों को लेकर अपने अनुभव साझा किए और AAP सरकार के दोहरे रवैए के बारे में बताया।

केजरीवाल की रैली में ₹500 देने का वादा कर जुटाई भीड़, रूपए ना मिलने पर मजदूरों का हंगामा

वीडियो में देखा जा सकता है कि रैली में आने के लिए तय किए गए रुपए न मिलने के कारण मजदूर भड़के हुए हैं और पैसों की माँग कर रहे हैं। उनमें महिलाएँ भी शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है।

ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने 66 महिलाओं को बनाया शिकार: फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल और रेप

उसने ज्यादातर गृहणियों को अपना शिकार बनाया। वो हथियार दिखा कर रुपए और गहने भी छीन लेता था। उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

महिला ने ब्राह्मण व्यक्ति पर लगाया था रेप का झूठा आरोप: SC/ST एक्ट में 20 साल की सज़ा के बाद हाईकोर्ट ने बताया निर्दोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे चोट लगना स्वाभाविक है। लेकिन पीड़िता के शरीर पर इस तरह की कोई चोट मौजूद नहीं थी।”

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।

UP: भीम सेना प्रमुख ने CM आदित्यनाथ, उन्नाव पुलिस के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज की FIR

भीम सेना प्रमुख ने CM योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस अधिकारियों पर गुरुग्राम में SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करवाई है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

291,994FansLike
81,854FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe