Tuesday, April 16, 2024
Homeराजनीतिआज से J&K और लद्दाख बने केंद्र शासित राज्य: R K माथुर ने लद्दाख...

आज से J&K और लद्दाख बने केंद्र शासित राज्य: R K माथुर ने लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के रूप में ली शपथ

भारत में राज्यों की संख्या अब 28 हो गई है और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या सात से बढ़कर नौ हो गई है। अब जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की क़ानून व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा।

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बुधवार (30 अक्टूबर) मध्यरात्रि को ख़त्म हो गया। इसके साथ ही दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आस्तित्व में आ गए। अनुच्छेद-370 के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा निरस्त किए जाने के बाद आज से यह निर्णय प्रभावी हो गया है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी।

रिटायर्ड IAS राधाकृष्ण माथुर ने गुरुवार को लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ़ से IAS उमंग नरुला को लद्दाख के उपराज्यपाल के सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, IPS अधिकारी एसएस खंडारे को लद्दाख पुलिस का प्रमुख बनाया गया है। लद्दाख के अलावा जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल गिरिश चंद्र मुर्मू होंगे।

ग़ौरतलब है कि 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 को पारित कर दिया था। इसके तहत तय हुआ था कि दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्यों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के रूप में 31 अक्टूबर 2019 से अस्तित्व में आएगा। ऐसा पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया गया है। इस सिससिले में श्रीनगर और लेह में दो अलग-अलग शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। पहला समरोह लेह में हुआ जहाँ आरे माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली। दूसरा शपथग्रहण समारोह श्रीनगर में आयोजित होगा, जहाँ मुर्मू उपराज्यपाल का पद भार सँभालेंगे।

इसके साथ ही भारत में राज्यों की संख्या अब 28 हो गई है और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या सात से बढ़कर नौ हो गई है। अब जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की क़ानून व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा, जबकि भूमि वहाँ की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों ही अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बने हैं। केवल अंतर इतना है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बना है और लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश है। लद्दाख की ओर से पिछले कई वर्षों से इस माँग को रखा जा रहा था।

शुरुआत में दोनों राज्यों का एक ही हाईकोर्ट होगा लेकिन दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल अलग होंगे। सरकारी कर्मचारियों के सामने दोनों केंद्र शासित राज्यों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोई रही सरकार, संतों को पीट-पीटकर मार डाला: 4 साल बाद भी न्याय का इंतजार, उद्धव के अड़ंगे से लेकर CBI जाँच तक जानिए...

साल 2020 में पालघर में 400-500 लोगों की भीड़ ने एक अफवाह के चलते साधुओं की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में मिशनरियों का हाथ होने का एंगल भी सामने आया था।

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe