Thursday, July 18, 2024
Homeराजनीतिजेल की 'दीवारों से बात' कर बदले संजय राउत: बाहर निकलते ही फडणवीस की...

जेल की ‘दीवारों से बात’ कर बदले संजय राउत: बाहर निकलते ही फडणवीस की तारीफ, PM मोदी-अमित शाह से मिलेंगे

राउत ने कहा, "राज ठाकरे ने मुझे कहा था कि जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने मुझे खुद से अकेले में बातें करने की सलाह दी थी। आज मैं कहता हूँ कि हाँ मैंने अकेले में बातें कीं, क्योंकि सावरकर भी अकेले थे और तिलक भी अकेले थे। मेरी भी गिरफ्तारी राजनीतिक थी।"

पात्रा चॉल घोटाला मामले (Patra Chawl Scam Case) में जमानत रिहा हुए शिवसेना (Shiv Sena) के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (MHA Amit Shah) से मिलने की कही। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (DyCM Devendra Fadnavis) की तारीफ भी की।

मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, “नई सरकार के कुछ फैसलों का मैं स्वागत करता हूँ। खासतौर से उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अच्छे निर्णय लिए हैं। शिवसेना ने कभी विरोध के लिए विरोध नहीं किया और न ही आगे करेगी।” उन्होंने कहा कि वे जल्दी ही डिप्टी सीएम फडणवीस से उनके विभागों के कामों को लेकर मुलाकात करेंगे।

उन्होंने आगे कहा, राज्य में राजनीतिक कड़वाहट खत्म होनी चाहिए, ऐसा देवेंद्र फडणवीस ने कहा था। मैं उप-मुख्यमंत्री की बातों का स्वागत करता हूँ। राज्य के हित में महत्वपूर्ण निर्णय उप-मुख्यमंत्री ही ले रहे हैं। उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसले सराहनीय हैं।” राउत ने कहा कि फडणवीस के साथ-साथ वे पीएम मोदी और अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे।

बता दें कि कुछ दिन पहले देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ सालों में राजनीतिक कटुता बढ़ी है। यह महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। इसलिए इसे दूर करने की जरूरत है। फडणवीस के इस बयान का शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने भी स्वागत किया था।

पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलकर बताएँगे कि जेल में उनके साथ क्या हुआ। राउत ने कहा कि पिछले कुछ सालों में राजनीति का स्तर गिरा है। वे सांसद हैं और उनके भाई विधायक हैं। ऐसे में उन्हें नेताओं से मिलने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अमित शाह गृह मंत्री पूरे देश के हैं, ना कि किसी पार्टी के।

संजय राउत ने जेल के अनुभवों को लेकर कहा, “जेल में रहना आसान नहीं है। जेल में दीवारों से बात करनी पड़ती है। अकेलापन खा जाता है। यह मेरे परिवार के लिए कठिन समय रहा। मैंने आज तीन महीने बाद अपनी घड़ी पहनी है और ये अब ठीक ढंग से मुझसे नहीं आ रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “राज ठाकरे ने मुझे कहा था कि जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने मुझे खुद से अकेले में बातें करने की सलाह दी थी। आज मैं कहता हूँ कि हाँ मैंने अकेले में बातें कीं, क्योंकि सावरकर भी अकेले थे और तिलक भी अकेले थे। मेरी भी गिरफ्तारी राजनीतिक थी।”

संजय राउत ने आगे कहा, “जिन लोगों ने मेरी गिरफ्तारी का षड़यंत्र रचा और अगर उन्हें इससे खुशी मिली है तो मैं भी उनकी खुशी में शामिल हूँ। मुझे देश की किसी जाँच एजेंसी पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है और ना ही मुझे किसी पर कोई आरोप लगाना है।” राउत ने कहा कि वे शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे, इन दोनों नेताओं ने उनके बुरे समय में उनका साथ दिया था।

बता दें कि पात्रा चॉल घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए संजय राउत 102 दिन बाद मंगलवार (8 नवंबर 2022) को जमानत पर जेल से बाहर आए। इस दौरान उनके समर्थकों ने ‘टाइगर इज बैक’ और ‘शिवसेना का बाघ आया’ जैसे पोस्टर लहराए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

साथियों ने हाथ-पाँव पकड़ा, काज़िम अंसारी ने ताबतोड़ घोंपा चाकू… धराया VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता का हत्यारा, रात के डेढ़ बजे घर...

घटना की रात काज़िम अंसारी ने 10-11 बजे के बीच रेकी भी की थी जो CCTV में कैद है। रात के करीब डेढ़ बजे ये लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे।

प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण वाले बिल पर कॉन्ग्रेस सरकार का U-टर्न, वापस लिया फैसला: IT कंपनियों ने दी थी कर्नाटक छोड़ने की धमकी

सिद्धारमैया के फैसले का भारी विरोध भी हो रहा था, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेसी सरकार बुरी तरह से घिर गई थी। यही नहीं, इस फैसले की जानकारी देने वाले ट्वीट को भी मुख्यमंत्री को डिलीट करना पड़ा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -