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‘AAP नेता संजय सिंह की हुई पिटाई, मुँह भी किया काला… अपनी ही पार्टी के दलित कार्यकर्ताओं ने गुस्से में किया’

AAP दलित मोर्चा के लोगों ने संजय सिंह की पिटाई कर के उनका मुँह काला किया। दलित गुस्से में पूछे रहे थे कि दिल्ली में दलित उप-मुख्यमंत्री क्यों नहीं है? पार्टी PAC में कोई दलित क्यों नहीं है? AAP ने राज्यसभा में किसी दलित को क्यों नहीं भेजा?

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने बताया कि उन्हें आम आदमी पार्टी के एक दलित कार्यकर्ता ने फोन कर के बताया है कि शनिवार (अगस्त 8, 2020) की रात AAP दलित मोर्चा के लोगों ने संजय सिंह की पिटाई कर के उनका मुँह काला किया। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने पूछा कि क्या ये सही है? बकौल कपिल मिश्रा, उन्हें सूचना मिली कि दलित गुस्से में पूछे रहे थे कि दिल्ली में दलित उप-मुख्यमंत्री क्यों नहीं है?

कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर बताया कि संजय सिंह की पिटाई कर के उनका मुँह काला करने वाले उनकी ही पार्टी के दलित कार्यकर्ता ये पूछ रहे थे कि पार्टी PAC में कोई दलित क्यों नहीं है? साथ ही वो ये भी पूछ रहे थे कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में किसी दलित को क्यों नहीं भेजा? बता दें कि कपिल मिश्रा भी AAP से ही भाजपा में आए हैं। उन्होंने दिल्ली दंगों को लेकर भी कई खुलासे किए थे।

हाल ही में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया था। उन्होंने भाजपा को दलित विरोधी पार्टी ठहराने के लिए ट्विटर पर झूठ फैलाया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘संजय सिंह झूठा है’ ट्रेंड करने लगा। AAP नेता ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि कार्यक्रम में बुधवार (अगस्त 5, 2020) को नहीं बुलाया गया, क्योंकि वो दलित हैं।

मौर्या ने उसी दिन ट्विटर पर फोटो डाल कर बताया था कि वो श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया था, “श्री राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के भव्य पंडाल में ऐतिहासिक दिन का साक्षी बन रहा हूॅं। परम सौभाग्य एवं अद्भुत और अलौकिक आनंद की अनुभूति कर रहा हूॅं।”

मौर्या ने 5 अगस्त को ही यह ट्वीट किया था। बावजूद 7 अगस्त को संजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें एक दलित नेता ने बताया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में इसीलिए नहीं बुलाया गया क्योंकि वो दलित हैं और केशव प्रसाद मौर्या को भी इसीलिए नहीं बुलाया गया। उन्होंने पूछा कि भाजपा ऐसा क्यों करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दलितों को मंदिर के बाहर रखना चाहती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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