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‘लाल किला हिंसा’ के आरोपी लक्खा सिधाना को किसानों की पार्टी ने बनाया उम्मीदवार: दंगा सहित 25 मामलों में आरोपी, लाख रुपए का ईनामी

लक्खा सिधाना, जो गाँवों में सामाजिक कल्याण के काम करने का दावा भी करता है, उस पर पंजाब में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती जैसे अपराध शामिल हैं। यही नहीं, लक्खा पर आर्म्स एक्ट के मामले भी दर्ज हो चुके हैं और इसके लिए वो कई साल की सजा भी काट चुका है।

पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly election 2022) को लेकर 22 किसान संगठनों के राजनीतिक मंच ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ ने 35 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। इसमें पूर्व गैंगस्टर और लाल किला दंगे के आरोपी लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा सिधाना (Lakha Sidhana) को मौड़ मंडी विधानसभा सीट से टिकट दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने पिछले साल गणतंत्र दिवस पर टैक्टर मार्च के दौरान लाल किले पर फैली हिंसा को लेकर लक्खा सिधाना के खिलाफ दंगा फैलाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले सहित कई मामले किए दर्ज थे। सिधाना इसके बाद फरार हो गया था। पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। फरवरी 2021 में वह भटिंडा की रामपुर फूल विधानसभा के तहत आने वाले गाँव मेहराज में युवाओं की एक एक रैली को संबोधित करता हुआ नजर आया था।

हालाँकि, उस वक्त संयुक्त किसान मोर्चा जो कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वाला प्रमुख संगठन था, उसने लक्खा से खुद को दूर कर लिया था। बताया जाता है कि लक्खा वर्ष 2012 में मनप्रीत बादल की पार्टी पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब (PPP) के टिकट पर रामपुरा फूल से चुनाव लड़ चुका है।

बता दें कि 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू (Deep Sidhu) और गैंगस्टर लक्खा सिधाना (Lakha Sidhana) के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मालवा यूथ फेडरेशन के प्रमुख लक्खा सिधाना, जो गाँवों में सामाजिक कल्याण के काम करने का दावा भी करता है, उस पर पंजाब में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती जैसे अपराध शामिल हैं। यही नहीं, लक्खा पर आर्म्स एक्ट के मामले भी दर्ज हो चुके हैं और इसके लिए वो कई साल की सजा भी काट चुका है।

पंजाब के बठिंडा के सिधाना गाँव के मूल निवासी लखबीर सिंह सिधाना उर्फ ​​लक्खा सिधाना ने सरकार और पुलिस पर ही किसानों के आंदोलन के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उन्होंने हमेशा शांति का आह्वान किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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