Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस नेताओं ने रद्द किया मुंबई दौरा, सरकार गठन को लेकर होने वाली थी...

कॉन्ग्रेस नेताओं ने रद्द किया मुंबई दौरा, सरकार गठन को लेकर होने वाली थी चर्चा

"शिवसेना के नेता, कॉन्ग्रेस और NCP के बीच एक समझौते के बाद चर्चा में शामिल हो सकते हैं। शरद पवार ने कॉन्ग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया है कि वह दिल्ली आएँगे और उनके साथ विवरण को अंतिम रूप देंगे।"

महाराष्ट्र में सरकार गठन की उम्मीदों को कॉन्ग्रेस ने एक बार फिर झटका दिया है। कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना मुंबई दौरा रद्द कर दिया है। दोनों महाराष्ट्र में सरकार गठन और शिवसेना को समर्थन देने के तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए मुंबई आने वाले थे। इस यात्रा का ऐलान सोमवार को तब किया गया जब अंतिम क्षणों में सोनिया गॉंधी ने शिवसेना को समर्थन देने पर पत्ते खोलने से इनकार कर दिया था।

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने बताया कि NCP प्रमुख शरद पवार ने बताया कि दोनों दलों के प्रांतीय नेता पहले सरकार गठन के ‘नियम और शर्तों’ पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के नेता शिवसेना को बातचीत के लिए आमंत्रित करने से पहले मंगलवार को अपने NCP समकक्षों के साथ सरकार बनाने के व्यापक संदर्भों पर चर्चा करेंगे।”

ठाकरे ने बताया कि कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी ने सोमवार (11 नवंबर) को पवार के साथ राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और तदनुसार, यह निर्णय लिया गया कि राज्य NCP और कॉन्ग्रेस के नेता “सरकार के गठन के लिए नियम और शर्तों और एक ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ पर चर्चा करेंगे।”

उन्होंने कहा, “शिवसेना के नेता, कॉन्ग्रेस और NCP के बीच एक समझौते के बाद चर्चा में शामिल हो सकते हैं। शरद पवार ने कॉन्ग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया है कि वह दिल्ली आएँगे और उनके साथ विवरण को अंतिम रूप देंगे।”

उन्होंने कहा, “ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी (AICC) के महासचिव वेणुगोपाल और खड़गे, जो मुंबई आने वाले थे, उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित कर दी है।” इस बीच, NCP के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर इकनॉमिक्स टाइम्स को बताया कि जब तक तीनों पार्टियाँ- कॉन्ग्रेस, NCP और शिवसेना, सरकार में शामिल नहीं हो जातीं, तब तक कोई स्थिरता नहीं आएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार का हिस्सा हो।”

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बाद अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने NCP को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। NCP को आज शाम साढ़े आठ बजे तक का समय दिया गया है। अभी तक तो कॉन्ग्रेस ने शिवसेना के साथ सरकार बनाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। वहीं, भाजपा की कोर टीम बैठक हुई थी, जिसके बाद भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा था कि उनकी पार्टी ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर काम कर रही है। 

ग़ौरतलब है कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, कॉन्ग्रेस को 44 और NCP को 54 सीटें मिली है। भाजपा-शिवसेना और कॉन्ग्रेस-NCP ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन, नतीजों के बाद शिवसेना ढाई साल के लिए सीएम का पद मॉंग रही थी जिसे भाजपा ने ठुकरा दिया। रविवार को भाजपा ने गवर्नर से कहा कि वह सरकार नहीं बनाएगी। इसके बाद राज्यपाल ने शिवसेना को न्योता दिया था। वह समर्थन पत्र पेश करने में विफल रही और गवर्नर ने फिर सरकार गठन को लेकर तीसरे सबसे बड़े दल एनसीपी को मंगलवार शाम साढ़े बजे तक का वक्त दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -