Thursday, April 18, 2024
Homeराजनीतिशिवसेना सांसद पर भरी सभा में चाकू से हमला, 13 साल पहले पिता को...

शिवसेना सांसद पर भरी सभा में चाकू से हमला, 13 साल पहले पिता को गोलियों से भून डाला था

अभिवादन करने के लिए एक समूह शिवसेना सांसद के करीब पहुँचा। इसी दौरान किसी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू उनके हाथ में घुस गया। भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौक़े से फरार हो गया।

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में बुधवार (अक्टूबर 16, 2019) को चुनावी रैली को संबोधित करने पहुँचे शिवसेना सांसद ओम राजे निंबालकर पर भीड़ से निकलकर किसी ने चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बता दें 13 वर्ष पहले ऐसे ही उनके पिता पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे।

ओम राजे के साथ ये घटना पडौली नायगाँव में चुनावी रैली के दौरान कलंब तालुका ग्राम में घटी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभिवादन करने के लिए एक समूह शिवसेना सांसद के करीब पहुँचा। इसी दौरान किसी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू उनके हाथ में घुस गया। भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौक़े से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है, “अभिवादन के वक़्त हमलावर ने सांसद पर चाकू से हमला किया और तुरंत भाग गया। निंबालकर को हाथ में इससे गहरी चोट आई।” उल्लेखनीय है कि सांसद ओम राजे के पिता पवन राजे निंबालकर कॉन्ग्रेस के नेता थे। साल 2006 में 13 जून को मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के पास उन्हें गोली मार दी गई थी। इस मामले में लोकसभा के पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल आरोपित हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने भारत: एलन मस्क की डिमांड को अमेरिका का समर्थन, कहा- UNSC में सुधार जरूरी

एलन मस्क द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन करने के बाद अमेरिका ने इसका समर्थन किया है।

BJP ने बनाया कैंडिडेट तो मुस्लिमों के लिए ‘गद्दार’ हो गए प्रोफेसर अब्दुल सलाम, बोले- मस्जिद में दुर्व्यव्हार से मेरा दिल टूट गया

डॉ अब्दुल सलाम कहते हैं कि ईद के दिन मदीन मस्जिद में वह नमाज के लिए गए थे, लेकिन वहाँ उन्हें ईद की मुबारकबाद की जगह गद्दार सुनने को मिला।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe