Homeराजनीतिशिवसेना सांसद पर भरी सभा में चाकू से हमला, 13 साल पहले पिता को...

शिवसेना सांसद पर भरी सभा में चाकू से हमला, 13 साल पहले पिता को गोलियों से भून डाला था

अभिवादन करने के लिए एक समूह शिवसेना सांसद के करीब पहुँचा। इसी दौरान किसी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू उनके हाथ में घुस गया। भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौक़े से फरार हो गया।

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में बुधवार (अक्टूबर 16, 2019) को चुनावी रैली को संबोधित करने पहुँचे शिवसेना सांसद ओम राजे निंबालकर पर भीड़ से निकलकर किसी ने चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बता दें 13 वर्ष पहले ऐसे ही उनके पिता पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे।

ओम राजे के साथ ये घटना पडौली नायगाँव में चुनावी रैली के दौरान कलंब तालुका ग्राम में घटी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभिवादन करने के लिए एक समूह शिवसेना सांसद के करीब पहुँचा। इसी दौरान किसी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू उनके हाथ में घुस गया। भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौक़े से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है, “अभिवादन के वक़्त हमलावर ने सांसद पर चाकू से हमला किया और तुरंत भाग गया। निंबालकर को हाथ में इससे गहरी चोट आई।” उल्लेखनीय है कि सांसद ओम राजे के पिता पवन राजे निंबालकर कॉन्ग्रेस के नेता थे। साल 2006 में 13 जून को मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे के पास उन्हें गोली मार दी गई थी। इस मामले में लोकसभा के पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल आरोपित हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -