राहुल गाँधी को SC से अवमानना नोटिस जारी: राफेल-चौकीदार मामले में जवाब से संतुष्ट नहीं

राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी - 'चौकीदार चोर है' और उसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बताने पर राहुल गाँधी घिरते जा रहे हैं। इस मामले में...

राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी – ‘चौकीदार चोर है’ और उसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बताने पर राहुल गाँधी घिरते जा रहे हैं। इस मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जो स्पष्टीकरण दिया था, कोर्ट उससे संतुष्ट नहीं है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है, और सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।

‘आज सुप्रीम कोर्ट ने क्लियर कर दिया है कि चौकीदार जी ने चोरी करवाई है’

10 अप्रैल को पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गाँधी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चौकीदार ने चोरी की है। इस पर भड़की भाजपा ने उन्हें झूठा करार दिया था। भाजपा नेत्री और दिल्ली से लोकसभा सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर कर दिया था।

मामला यह था कि दिसंबर में राफेल सौदे में हस्तक्षेप न करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कॉन्ग्रेस ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। पुनर्विचार याचिका का आधार रक्षा मंत्रालय से कथित तौर पर चुराया गया एक नोट था, जिसमें तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के समक्ष राफेल सौदे को लेकर मंत्रालय के नौकरशाहों ने एक मामूली आपत्ति दर्ज की थी; अफसरों ने रक्षा मंत्रालय की मोलभाव समिति के इतर प्रधानमंत्री कार्यालय के बात करने पर आपत्ति की थी। पार्रिकर ने मामले को समन्वय स्थापित कर सुलझाने का निर्देश फाइल नोटिंग में लिख दिया था।

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चूँकि यह नोट कथित तौर पर मंत्रालय से चुराया गया था, इसलिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इसे स्वीकार्य दस्तावेज न मानने का आग्रह किया था। कोर्ट ने सरकार की आपत्ति को दरकिनार करते हुए उस नोट पर विचार करने का निर्णय लिया था। पर कहीं भी राफेल सौदे पर अभी तक कोई सवाल नहीं उठाया था। ऐसे में राहुल गाँधी का दावा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री पर उनके द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी मोहर लगा दी है, साफ अवमानना का मामला था।

‘चुनावी गर्मी में हो गई गलती’

लेखी द्वारा दर्ज मामले पर राहुल गाँधी से जब न्यायालय ने जवाब तलब किया तो उन्होंने हलफनामा दायर कर अपनी टिप्पणी पर खेद प्रकट करते हुए कोर्ट से कहा कि उनसे यह बात चुनावी उत्तेजना में मुँह से निकल गई और ऐसा कहने का उनका कोई इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी (उनके दावे के अनुसार) अनजाने में की गई टिप्पणी को भाजपा नाहक चुनावी मुद्दा बना उन्हें घेरने का प्रयास कर रही है।

एक ओर राहुल गाँधी अपने शब्द अदालत के मुँह में ठूँसने के लिए माफी माँग रहे थे, दूसरी ओर उन्होंने ‘जनता की अदालत’ से ‘गुहार’ लगाते हुए पुनः नरेंद्र मोदी को इंगित कर यह ट्वीट किया:

उनके जवाब से असंतुष्ट न्यायमूर्तियों गोगोई, संजीव खन्ना और दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने उनकी ओर से पेश उनके वकील और कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि पीठ उनके मुवक्किल के जवाब से सन्तुष्ट नहीं है, और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी कर रही है। मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार यानी 30 अप्रैल को होगी। उसी दिन राफेल मामले पर दायर पुनर्विचार याचिका पर भी सुनवाई होनी है।

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