Sunday, July 14, 2024
Homeराजनीतिराहुल गाँधी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं, गुजरात सरकार और पूर्णेश...

राहुल गाँधी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं, गुजरात सरकार और पूर्णेश मोदी से माँगा जवाब: अब 4 अगस्त को सुनवाई

याचिका पर सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने की। जस्टिस गवई ने पने अपने पिता और भाई के कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़ाव का हवाला देते हुए सुनवाई से अलग होने की पेशकश भी की। लेकिन दोनों पक्षों ने उनके इस पारिवारिक जुड़ाव को लेकर कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की याचिका पर शुक्रवार (21 जुलाई 2023) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। फिलहाल उन्हें शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने गुजरात सरकार और बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। राहुल गाँधी ने अपनी याचिका में गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें आपराधिक मानहानि के मामले में उनके खिलाफ सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।

याचिका पर सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने की। जस्टिस गवई ने पने अपने पिता और भाई के कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़ाव का हवाला देते हुए सुनवाई से अलग होने की पेशकश भी की। लेकिन दोनों पक्षों ने उनके इस पारिवारिक जुड़ाव को लेकर कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई।

राहुल गाँधी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की सांसदी गए 100 से अधिक दिन हो चुके हैं। वायनाड लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा भी जल्द हो सकती है। इसलिए उन्होंने सुनवाई की अगली तारीख जल्द से जल्द रखने की माँग की। पीठ ने गुजरात सरकार और राहुल गाँधी पर केस करने वाले बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक के एक भाषण में कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। गुजरात से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पूर्णेश मोदी ने इसे पूरे समाज का अपमान बता कर सूरत की मेट्रोपोलिटन कोर्ट में राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का आपराधिक केस दर्ज करवाया था। 23 मार्च 2023 को सूरत के मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेस्ट ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान राहुल गाँधी केरल में वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद नियमानुसार उनकी संसद सदस्यता समाप्त हो गई थी। 20 अप्रैल को मजिस्ट्रेट अदालत ने भी सजा निलंबित करने की राहुल गाँधी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी थी।

हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल की दलील है कि अगर उन्हें राहत प्रदान नहीं की जाती है तो वे अपने करियर के 8 साल गँवा देंगे। 2 साल या उससे अधिक की सज़ा होने पर सज़ा की अवधि और उसके बाद 6 वर्ष तक कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsपूर्णेश मोदी, Modi surname case, Supreme Court, Supreme Court rahul gandhi, Supreme Court modi surname case, सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी, सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी केस सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट सारे मोदी चोर केस सुनवाई, सारे मोदी चोर केस, राहुल गांधी सारे मोदी चोर केस, अभिषेक मनु सिंघवी, राहुल गांधी, गुजरात हाई कोर्ट, राहुल गांधी मोदी सरनेम केस, राहुल गांधी मानहानि हाई कोर्ट, राहुल गांधी हाई कोर्ट सजा, राहुल गांधी मानहानि केस, राहुल गांधी मानहानि केस सजा, राहुल गांधी न्यूज, राहुल गांधी के आज के सामचार, गुजरात हाई कोर्ट मानहानि केस, सारे चोर मोदी, सारे मोदी चोर, राहुल गांधी सजा, rahul gandhi, gujarat high court, defamation case, rahul gandhi news, rahul gandhi latest news, rahul gandhi gujarat high court, rahul gandhi defamation case, rahul gandhi high court, saar modi chor, rahul gandhi modi surname case
ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NITI आयोग की रिपोर्ट में टॉप पर उत्तराखंड, यूपी ने भी लगाई बड़ी छलाँग: 9 साल में 24 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले

NITI आयोग ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडेक्स 2023-24 जारी की है। देश में विकास का स्तर बताने वाली इस रिपोर्ट में उत्तराखंड टॉप पर है।

लैंड जिहाद की जिस ‘मासूमियत’ को देख आगे बढ़ जाते हैं हम, उससे रोज लड़ते हैं प्रीत सिंह सिरोही: दिल्ली को 2000+ मजार-मस्जिद जैसी...

प्रीत सिरोही का कहना है कि वह इन अवैध इमारतों को खाली करवाएँगे। इन खाली हुई जमीनों पर वह स्कूल और अस्पताल बनाने का प्रयास करेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -