Sunday, April 14, 2024
Homeराजनीतिपटना: समान काम के लिए समान वेतन मॉंग रहे शिक्षकों पर बरसाई लाठियाँ

पटना: समान काम के लिए समान वेतन मॉंग रहे शिक्षकों पर बरसाई लाठियाँ

पहली बार शिक्षकों के 18 संगठन एक साथ सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट हुए हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद शिक्षकों ने ट्रैफिक जाम कर दिया।

बिहार में संविदा शिक्षकों का आंदोलन जारी है। समान काम के लिए समान वेतन माँग रहे शिक्षकों पर गुरुवार को राजधानी पटना में पुलिस ने लाठियाँ बरसाई।

विधानसभा के पास प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने न सिर्फ़ आँसू गैस के गोले छोड़े, बल्कि वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद शिक्षकों पर लाठियाँ भाजी गईं। उनकी जम कर पिटाई की गई।

पुलिस की कार्रवाई में कई शिक्षक घायल हुए। उग्र शिक्षकों ने ट्रैफिक जाम किया। ऐसा पहली बार हैं, जब शिक्षकों के 18 संगठन एक साथ सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट हुए हैं। शिक्षकों ने गर्दनीबाग़ क्षेत्र का मेन गेट तोड़ डाला। बिहार में नियमित शिक्षकों को संविदा पर बहाल शिक्षकों से ज्यादा वेतन मिलता है। संविदा पर बहाल शिक्षकों की माँग है कि उन्हें भी उतना ही वेतन मिले, जितना नियमित शिक्षकों को दिया जाता है।

‘समान काम-समान वेतन’ के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी इन शिक्षकों के ख़िलाफ़ ही फ़ैसला सुनाया था। बिहार के सभी जिलों से शिक्षक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए पटना पहुँचे थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पत्थरबाजी, उन्मादी नारे… ‘डोरमैट पर काबा प्रिंट है’ कह उतावली हुई मुस्लिम भीड़: यूपी पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी वारदात, दुकानदार बोले –...

मुस्लिम बाहुल्य उतरौला बाजार में पुलिस की सक्रियता के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर के दबिश दे रही।

जनजातीय समाज से राष्ट्रपति, बाबसाहेब के स्थल विकसित होकर बने पंचतीर्थ, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती गौरव दिवस: MP में PM मोदी ने बताया...

"कॉन्ग्रेस ने जनजातीय समाज के योगदान को कभी भी स्वीकार नहीं किया, जबकि भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को 'राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित करने का सौभाग्य भी भाजपा सरकार को मिला है।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe