Wednesday, July 6, 2022
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‘धनखड़ जहाँ भी जाता है उसे हर समय कुत्ते की तरह काले झंडे ही क्यों दिखाए जाते हैं?’- TMC नेता मदन मित्रा

मित्रा ने आगे कहा, ''मैं लोगों से अनुरोध करता हूँ कि वो धनखड़ को कभी-कभी पीले, लाल और सुनहरे रंग के झंडे जरूर दिखाएँ। धनखड़ जहाँ भी जाता है उसे हर समय कुत्ते की तरह काले झंडे ही क्यों दिखाए जाते हैं?''

नारदा स्टिंग केस में गिरफ्तार किए गए टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने ​पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को लेकर विवादित बयान दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, टीएमसी के विधायक ने सोमवार (21 जून 2021) को कहा, ”जगदीप धनखड़ (राज्यपाल) जहाँ भी जाता है, वहाँ उसे काले झंडे दिखाए जाते हैं। अगर यह एक फिल्म का सीन होता, तो एक भौंकने वाला काला कुत्ता दिखाया जाता।”

मित्रा ने आगे कहा, ”मैं लोगों से अनुरोध करता हूँ कि वो धनखड़ को कभी-कभी पीले, लाल और सुनहरे रंग के झंडे जरूर दिखाएँ। धनखड़ जहाँ भी जाता है उसे हर समय कुत्ते की तरह काले झंडे ही क्यों दिखाए जाते हैं?”

जुबानी जंग हो या फिर फिसलती जुबान मदन मित्रा का यह पहला बयान नहीं है। इससे पहले भी वह कई बार बदजुबानी करते हुए नजर आए हैं। इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा की चुनाव रैली में उन्हें बीजेपी नेताओं को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखा गया।

मित्रा ने कहा था, ”जो भी बीजेपी से हैं सुनें दूध माँगो तो खीर देंगे, बंगाल माँगो तो चीर देंगे।” टीएमसी नेता के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई थी। उनके इस बयान को हिंसक बयान के तौर पर देखा गया था।

इससे पहले फरवरी 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी के इस नेता ने राज्यपाल धनखड़ को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राज्यपाल को राज्य से वापस भेज देना चाहिए। उस वक्त मित्रा ने कहा था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी 294 सीटों में से 250 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी। हमारी पार्टी बंगाल में और ताकतवर बनकर उभरेगी और प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से शुरू हुई सियासी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो आए दिन वायरल होती रहती हैं। टीएमसी के जीत के बाद से राज्य में कई राजनीतिक दलों, खासकर भाजपा के कार्यकर्ताओं को हिंसा का शिकार होना पड़ा है।

भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों को परिवारों समेत अपने गाँवों से पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया गया है। वे असम चले गए, जहाँ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनकी मदद की। उन्होंने सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था की है। गौरतलब है कि सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि माकपा ने भी टीएमसी पर अपने कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप लगाया है। मीडिया में बीएसएफ जवानों पर भी हमले की खबरें भी सामने आई हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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