Wednesday, April 14, 2021
Home राजनीति ऑपइंडिया का असर: ‘UN लिंक्ड’ संगठन से प्रशंसा-पत्र मिलने वाला ट्वीट TMC ने डिलीट...

ऑपइंडिया का असर: ‘UN लिंक्ड’ संगठन से प्रशंसा-पत्र मिलने वाला ट्वीट TMC ने डिलीट किया

इस संस्था ने खुद को ‘यूनाइटेड नेशन’ से जुड़ा हुआ बताया था, जबकि जिस यूनाइटेड नेशंस की प्रशंसा का कोई व्यक्ति या देश या फिर राज्य इन्तजार कर सकता है, वह ‘यूनाइटेड नेशंस’ (United Nations) है, ना कि ‘यूनाइटेड नेशन (United Nation)!’

20 अगस्त को 2020 को हमने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के बारे में एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके तहत हमने ‘यूनाइटेड नेशन’ से जुड़े एक जापान आधारित गैर-लाभकारी संगठन से कोरोना वायरस महामारी के बीच ममता सरकार के काम को सराहने और राज्य मंत्री निर्मल माजी को प्रशंसा-पत्र भेजने की पड़ताल की थी। इस ‘अच्छी खबर’ को सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी शेयर किया गया था।  

ऑपइंडिया की स्टोरी के बाद, TMC ने पश्चिम बंगाल सरकार को मिले प्रशंसा-पत्र वाला ट्वीट चुपके से डिलीट कर दिया। हालाँकि, डॉ. निर्मल माजी के ट्विटर टाइमलाइन पर अभी भी यह पत्र उपलब्ध है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने UNWPA को ‘UN से जुड़े एनजीओ’ के रूप में प्रकाशित किया और यही दावा कई अन्य मीडिया संस्थानों द्वारा भी किया गया। यह पत्र TMC और ममता बनर्जी के समर्थकों द्वारा बड़े स्तर पर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था। हालाँकि हमने अपनी पड़ताल के समय ऐसा कोई प्रमाण नहीं पाया।

इस संस्था ने खुद को ‘यूनाइटेड नेशन’ से जुड़ा हुआ बताया था, जबकि जिस यूनाइटेड नेशंस की प्रशंसा का कोई व्यक्ति या देश या फिर राज्य इन्तजार कर सकता है, वह ‘यूनाइटेड नेशंस’ (United Nations) है, ना कि ‘यूनाइटेड नेशन (United Nation)!’

सच्चाई यह है कि ममता बनर्जी के ‘साम्राज्य’ को कोरोना वायरस महामारी में अच्छे काम के लिए ‘प्रमाण-पत्र’ मिला था। हालाँकि, यह पत्र जापान के संगठन द्वारा नहीं, बल्कि इसके भारत के प्रतिनिधि यानी, महामहिम पिंकी दत्ता उर्फ ​​प्रिया दत्ता, जो मोदी विरोधी और ममता बनर्जी की बड़ी समर्थक हैं, द्वारा बेहद खराब भाषा में लिख कर दिया गया था। इसके अलावा, यह संगठन संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़ा नहीं है, लेकिन उसके जैसा प्रतीत जरूर होता है।

जब ऑपइंडिया ने इन सम्बन्ध में UNWPA से सम्पर्क कर पूछा कि क्या यूनाइटेड नेशन ने वास्तव में ममता बनर्जी सरकार को पत्र लिखकर उन्हें सम्मानित किया, तो उन्होंने बताया कि मीडिया में चलाई जा रही इस इस प्रकार की बातें एकदम फर्जी हैं और ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। दो घंटे बाद, संगठन ने फिर से ऑपइंडिया को जवाब दिया। इस बार यह दावा करते हुए लिखा कि हालाँकि, उन्होंने (जापान कार्यालय) पत्र नहीं लिखा था, लेकिन सम्भवतः भारत स्थित कार्यालय, जो कि एचई पिंकी दत्ता उर्फ ​​प्रिया दत्ता द्वारा चलाया जाता है, ने जारी किया हो।

यह खबर टाइम्स ऑफ इंडिया, डेक्कन हेराल्ड और आउटलुक सहित कई समाचार पोर्टलों और कई अन्य लोगों द्वारा कवर की गई। पीटीआई का दावा था कि ममता बनर्जी के ‘साम्राज्य’ की प्रशंसा करने वाला यह ‘एनजीओ’ एक गैर-लाभकारी संगठन (नॉन प्रोफिटेबल आर्गेनाइजेशन) है, जो संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के नागरिक विभाग के साथ पंजीकृत है।

इस NGO की वेबसाइट पर भी कोई लिंक, रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ही UN से इसकी वैधता सम्बन्धी किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज मौजूद नहीं था। इसके अलावा इस संस्था की वेबसाइट पर इसके सोशल मीडिया एकाउंट्स की आधे से ज्यादा लिंक काम नहीं कर रही थे या फिर वो अकाउंट मौजूद ही नहीं थे।

इन सब चीजों को देखकर मन में संदेह होना चाहिए था, सवाल उठना चाहिए था, लेकिन ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस की सराहना करने की उत्सुकता में मीडिया ने इसे नजरअंदाज कर दिया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

7000 वाली मस्जिद में सिर्फ 50 लोग नमाज पढ़ेंगे… प्लीज अनुमति दीजिए: बॉम्बे HC का फैसला – ‘नहीं’

"हम किसी भी धर्म के लिए अपवाद नहीं बना सकते, खासकर इस 15-दिन की प्रतिबंध अवधि में। हम इस स्तर पर जोखिम नहीं उठा सकते।"

CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, मनीष सिसोदिया ने कहा-12वीं के छात्र भी प्रमोट हों

कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा...

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘1 लाख का धर्मांतरण, 50000 गाँव, 25 साल के बराबर चर्च बने’: भारत में कोरोना से खूब फले ईसाई मिशनरी

ईसाई संस्था के CEO डेविड रीव्स का कहना है कि हर चर्च को 10 गाँवों में प्रार्थना आयोजित करने को कहा गया। जैसे-जैसे पाबंदियाँ हटीं, मिशनरी उन क्षेत्रों में सक्रिय होते चले गए।

14 सिम कार्ड, 1 व्हाट्सएप कॉल और मुंबई की बार डांसर… ATS ने कुछ यूँ सुलझाया मनसुख हिरेन की हत्या का मामला

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मर्डर की गुत्थी सुलझने में एक बार डांसर की अहम भूमिका रही। उसकी वजह से ही सारे तार आपस में जुड़े।

मुंबई में हो क्या रहा है! बिना टेस्ट ₹300 में कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, ₹10000 देकर क्वारंटाइन से मिल जाती है छुट्टी: रिपोर्ट

मिड डे ने मुंबई में कोरोना की आड़ में चल रहे एक और भ्रष्टाचार को उजागर किया है। बिना टेस्ट पैसे लेकर RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराई जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,197FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe