Thursday, June 13, 2024
Homeराजनीति'सरकारी कर्मचारी सम्मान न करें तो जूता निकालो और मारो'

‘सरकारी कर्मचारी सम्मान न करें तो जूता निकालो और मारो’

"अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी घूस माँगता है तो उनको आप घूसा मारो और अगर उस पर भी नहीं मानता है तो जूता मारो।"

उत्तर प्रदेश के ललितपुर से भाजपा विधायक रामरतन कुशवाहा ने सरकारी कर्मचारियों को लेकर विवादित बयान दिया है। कुशवाहा ने पार्टी के कार्यकर्ताओं के सामने कहा है कि यदि प्रदेश के कर्मचारी 2 महीने में ठीक से काम नहीं करते हैं तो उनको जूता उठाकर मारिए। अब कुशवाहा के इस बयान पर जिला प्रभारी रामकिशोर साहू ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है, साथ ही जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त किया है।

दरअसल, मंगलवार (जून 4, 2019) को सांसद अनुराग शर्मा की जीत के बाद आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के अभिनंनद समारोह में भाजपा विधायक महरौनी पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अभी भी जो प्रदेश सरकार के कर्मचारी हैं वो महीने, दो महीने में ठीक नहीं होते और हमारे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करते तो मैं कहता हूँ कि अपना जूता उतारिए और मारिए, क्योंकि एक सीमा होती है बर्दाश्त करने की। ये सपा-बसपा मानसिकता के अधिकारी हैं, इन्होंने बदतमीजी करने का कार्य चुनाव के समय भी किया। हमारे कार्यकर्ताओं को हड़काया और सदस्यता के लिए मजबूर किया। मेरे पास पुलिस और राजस्व कर्मचारियों की ऐसी सूचना है, वो अभी सतर्क हो जाएँ।”

रामरतन के बयान के बाद अब उनकी ही पार्टी के नेता भी उनसे इस मामले में पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। जिला प्रभारी रामकिशोर साहू ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये सच है कि पहले की सरकारों में अधिकारियों ने भ्रष्टाचार और मनमानी की है, लेकिन फिर भी वे सदर विधायक कुशवाहा के बयान से सहमत नहीं हैं।

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब किसी भाजपा विधायक के सुर इतने बिगड़े हों, इससे पहले भी विधायक सुरेंद्र सिंह ने विवादित बयान देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की तुलना वेश्याओं की थी। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी घूस माँगता है तो उनको आप घूसा मारो और अगर उस पर भी नहीं मानता है तो जूता मारो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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