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मस्जिद के स्पीकर्स से होंगे बिजली बिल, सरकारी संदेशों की घोषणा: योगी सरकार का फैसला मंदिरों पर भी

"लाउड स्पीकर्स का प्रयोग करने से इसका संदेश लोगों के बीच तेजी से पहुँचेगा, जिससे योजना का लाभ सभी लोग आसानी से उठा सकते हैं।"

अक्सर मंदिर-मस्जिदों के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल धार्मिक कार्यक्रमों में ही होते देखा जाता है। लेकिन अब सरकार चाहती है कि इनका इस्तेमाल आम जनता के लिए और तरीकों से भी किया जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंदिरों और मस्जिदों से अब धार्मिक संदेशों के अलावा सरकारी विज्ञापन भी सुनाई देंगे।

यह योजना पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने बनाई है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों, जिसमें मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, गौतम बुद्धनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर और बिजनौर हैं, में यह योजना लागू की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बिजली के बकाया भुगतानों और नई योजनाओं को बताने के लिए मंदिर और मस्जिद में लगे लाउड स्पीकर्स का उपयोग किया जाएगा। विभाग चाहता है कि किसानों के लिए आसान किस्तों में ट्यूबवेल योजना के अलावा चल रही अन्य स्कीमों के बारे में जानकारी देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, निगम के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में बिजली बिलों के भुगतान के लिए मंदिर और मस्जिदों से अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाउड स्पीकर्स का प्रयोग करने से इसका संदेश लोगों के बीच तेजी से पहुँचेगा, जिससे योजना का लाभ सभी लोग आसानी से उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आसान किस्त योजना के तहत लोगों से बिजली बिलों की वसूली के लिए गाँव-गाँव में कैंप लगाए जाएँगे और लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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