Wednesday, September 28, 2022
Homeराजनीतिमुलायम को नहीं दिए वोट तो दलित बस्ती वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, आयोग...

मुलायम को नहीं दिए वोट तो दलित बस्ती वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, आयोग ने लिया संज्ञान

आयोग ने इसे गंभीर अपराध करार देते हुए पुलिस से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और चुनाव के बाद की हिंसा के मामलों को रोकने के लिए कहा है। इसने एससी-एसटी एक्ट 2016 के लागू प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश जारी किए हैं।

उत्तर प्रदेश एससी/एसटी आयोग ने मुलायम सिंह यादव के पक्ष में वोट नहीं देने के लिए एससी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ की गई हिंसा का स्वतः संज्ञान लिया है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में मैनपुरी सीट से समाजवादी पार्टी के मुखिया महागठबंधन के उम्मीदवार थे। आयोग ने एसएसपी मैनपुरी को उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

यूपी एससी/एसटी आयोग ने कहा, “यह हमारे संज्ञान में आया है कि मैनपुरी के लोकसभा क्षेत्र में एससी-एसटी लोगों के साथ हिंसा की गई थी, जिन्होंने चुनाव में सपा उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव को वोट नहीं दिया था, उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया और बंदूक से हवाई फायर करके डराया गया। इसी समुदाय के सदस्यों में से एक, बीएसएफ जवान रामनरेश (रिंकू) ने घटनास्थल से भागने के बाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।”

एक रिपोर्ट के मुताबिक, नगला मांधाता के यादवों ने उन्नाव गाँव में अनुसूचित जाति के लोगों पर मुलायम सिंह यादव को वोट न देने का आरोप लगाते हुए हमला किया।

बता दें कि बीएसएफ जवान रिंकू उर्फ फौजी पुत्र रामनरेश मंगलवार (मई 28, 2019) की सुबह करीब 8 बजे ट्यूबवेल के पास खेत में भूसा उठाने गया था। आरोप है कि तभी यादव बिरादरी के लोगों ने उस पर भी हमला बोल दिया। शोर सुनकर रिंकू के घर के लोग पहुँचे तो हमलावरों ने उनको भी लाठी-डंडों से पीटा। दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई। रिंकू ने बताया कि मेरे गाँव के बूथ पर गठबंधन प्रत्याशी मुलायम सिंह 250 मतों से हारे हैं। इसी कारण से यादव लोगों ने हम लोगों के साथ मारपीट की है।

आयोग ने इसे गंभीर अपराध करार देते हुए पुलिस से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और चुनाव के बाद की हिंसा के मामलों को रोकने के लिए कहा है। इसने एससी-एसटी एक्ट 2016 के लागू प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी मैनपुरी को क्षेत्र में एससी / एसटी समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए घटनास्थल का दौरा करने का भी निर्देश दिया गया है। आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आर्म्स गार्ड की तैनाती का भी अनुरोध किया है।

उल्लेखनीय है कि कुल मतों में से 53.75 प्रतिशत वोट पाने वाले मुलायम सिंह यादव को भाजपा प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य ने 44.09 प्रतिशत मतों के साथ करारी टक्कर दी थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ब्रह्मांड के केंद्र’ में भारत माता की समृद्धि के लिए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने की प्रार्थना, मेघालय के इसी जगह पर है ‘स्वर्णिम...

सेंग खासी एक सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक संगठन है जिसका गठन 23 नवंबर, 1899 को 16 युवकों ने खासी संस्कृति व परंपरा के संरक्षण हेतु किया था।

अब पलटा लेस्टर हिंसा के लिए हिन्दुओं को जिम्मेदार ठहराने वाला BBC, फिर भी जारी रखी मुस्लिम भीड़ को बचाने की कोशिश: नहीं ला...

बीबीसी ने अपनी पिछली रिपोर्टों के लिए कोई माफी नहीं माँगी है, जिसमें उसने हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाया था कि हिंसा के लिए वे जिम्मेदार हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,688FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe