Wednesday, April 17, 2024
HomeराजनीतिUP की 24 साल की ग्राम प्रधान यूक्रेन में कर रही डॉक्टरी की पढ़ाई,...

UP की 24 साल की ग्राम प्रधान यूक्रेन में कर रही डॉक्टरी की पढ़ाई, रूसी हमले में फँसी वैशाली यादव की कुर्सी पर खतरा

"मैंने MBBS के लिए यूक्रेन को इसलिए चुना क्योंकि इसकी डिग्री यूरोपीय संघ में कहीं भी प्रैक्टिस के लिए स्वीकार्य है। मुझे अभी घर वापस जाने के लिए फ्लाइट चाहिए।”

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युुद्ध (Russia Ukraine War) ने उत्तर प्रदेश की एक ग्राम प्रधान की कुर्सी पर खतरा पैदा कर दिया है। दरअसल, पिछले साल ग्राम प्रधान चुनी गई 24 साल की वैशाली यादव यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही हैं। यह बात तब सामने आई जब 24 फरवरी को उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह फँसे छात्रों की मदद के लिए सरकार से गुहार लगा रही थी। वैशाली फिलवक्त इवानो फ्रैंकिव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हरदोई के सांडी ब्लॉक के तेरापुरसेली की रहने वाली वैशाली यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र यादव की बेटी हैं। पिछले साल उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनावों में वैशाली यादव गाँव आई। उन्होंने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा और इसमें जीत भी दर्ज कर ली। प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद वह अपनी पढ़ाई के लिए वापस यूक्रेन चली गई। इस बात जानकारी गाँव में किसी को नहीं थी। जब यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह बात सामने आई तो गाँव के लोग हैरान रह गए।

बताया जा रहा है कि वैशाली के इस तरह गाँव छोड़कर विदेश में रहने को लेकर पंचायती राज विभाग ने कथित तौर पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा है। यह बात भी सामने आई है कि वैशाली के यूक्रेन में रहने के बावजूद उनके काम हुआ और इस दौरान कुछ धन का भी इस्तेमाल किया गया। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंचायती राज विभाग उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत द्वारा उपयोग किए गए धन की जाँच करेगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए वैशाली ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहाँ गोलीबारी में फँस जाऊँगी। मैंने MBBS के लिए यूक्रेन को इसलिए चुना क्योंकि इसकी डिग्री यूरोपीय संघ में कहीं भी प्रैक्टिस के लिए स्वीकार्य है। मुझे अभी घर वापस जाने के लिए फ्लाइट चाहिए।”

वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग करना

दिसंबर 2021 मे, अमर उजाला ने वीडियो कॉल के माध्यम से ग्राम पंचायत की बैठकों में भाग लेने के लिए वैशाली की ‘तारीफ’ की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि यादव अपने गाँव तेरा पुरसाली को यूक्रेन के गाँवों की तर्ज पर विकसित करना चाहती हैं। हरदोई जिले और लखनऊ से स्कूली पढ़ाई करने वाली वैशाली पिछले तीन साल से यूक्रेन में MBBS कर रही हैं।

पिछले साल उन्होंने अपने पिता और पूर्व ब्लॉक प्रसिडेंट महेंद्र सिंह यादव के सामने ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। हालाँकि उनके पिता इस बात से सहमत नहीं थे, क्योंकि वह चाहते थे कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करे। इसके लिए वैशाली को वापस यूक्रेन लौटना था। मगर वैशाली ने जोर देकर कहा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम पंचायत की बैठकों में भाग ले सकती है और यूक्रेन में अपनी पढ़ाई जारी रख सकती है।

हालाँकि अमर उजाला की रिपोर्ट में कहा गया कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस आना चाहती थी और अपने गाँव की बेहतरी के लिए काम करना चाहती थी, लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो वैशाली ने यूक्रेन को इसलिए चुना क्योंकि इसकी डिग्री यूरोपीय संघ में स्वीकार्य है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्कूल में नमाज बैन के खिलाफ हाई कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम छात्रा की याचिका, स्कूल के नियम नहीं पसंद तो छोड़ दो जाना...

हाई कोर्ट ने छात्रा की अपील की खारिज कर दिया और साफ कहा कि अगर स्कूल में पढ़ना है तो स्कूल के नियमों के हिसाब से ही चलना होगा।

‘क्षत्रिय न दें BJP को वोट’ – जो घूम-घूम कर दिला रहा शपथ, उस पर दर्ज है हाजी अली के साथ मिल कर एक...

सतीश सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन पर गोली चलाने वालों में पूरन सिंह का साथी और सहयोगी हाजी अफसर अली भी शामिल था। आज यही पूरन सिंह 'क्षत्रियों के BJP के खिलाफ होने' का बना रहा माहौल।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe